प्रेम विवाह के बाद पति की क्रूरता
झंगहा थाना क्षेत्र की निवासी एक युवती ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई है। करीब तीन साल पहले गांव के ही एक युवक ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लिया था। दोनों ने गोरखनाथ मंदिर में विवाह किया और फिर कर्नाटक चले गए जहां वे साथ रहने लगे। लेकिन चार महीने पहले जब युवती गर्भवती हुई, तो उसके पति का व्यवहार अचानक बदल गया। आरोपी पति ने उसे अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया और विवाद कर उसे वापस उसके मायके लाकर छोड़ दिया। तब से पीड़िता अपने पिता के घर रहने को मजबूर है और उसे अपने भविष्य व बच्चे की चिंता सता रही है। महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में स्पष्ट किया है कि वह अपने वैवाहिक जीवन को बचाना चाहती है और अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। यह मामला अब झंगहा पुलिस की जांच के घेरे में है।
ससुराल में मारपीट और जान से मारने की धमकी
जब पीड़िता ने अपने ससुराल जाकर वहां रहने की जिद की, तो उसे वहां भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ससुराल वालों ने उसे घर में घुसने से मना कर दिया और दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि सास, ससुर और ननद ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की और उसके बाल खींचकर उसे अपमानित किया। इस दौरान उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। ससुराल वालों ने धमकी दी कि यदि वह दोबारा वहां आई, तो उस पर पेट्रोल छिड़कर उसे जिंदा जला दिया जाएगा। इसके अलावा, उसे यह भी कहा गया कि उसके भाई को फर्जी मुकदमों में फंसा दिया जाएगा और पिता को जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता की इन गंभीर शिकायतों के आधार पर झंगहा थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पति सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।
एफआईआर के बाद पुलिस की कार्रवाई
झंगहा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में पति के अलावा ससुराल के अन्य सदस्यों को भी नामजद किया गया है, जो इस पूरे घटनाक्रम में शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। गर्भवती होने के बाद पत्नी को बेसहारा छोड़ना और फिर मायके में आकर पेट्रोल से जला देने की धमकी देना एक गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। प्रशासन का कहना है कि कानून के अनुसार दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उचित साक्ष्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। पीड़िता फिलहाल अपने पिता के घर सुरक्षित रहने का प्रयास कर रही है, लेकिन ससुराल वालों से मिल रही लगातार धमकियों के कारण उसका पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है।