सिडकुल पुलिस की बड़ी सफलता
हरिद्वार जनपद के सिडकुल थाना क्षेत्र में लगातार वारदातों को अंजाम देने वाला अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। औरंगाबाद निवासी आदित्य वशिष्ठ नाम के इस आरोपी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी डालूवाला मजबता मार्ग पर पुल के पास मौजूद है। तलाशी अभियान चलाकर पुलिस ने उसे सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है जिसका इस्तेमाल उसने लूट की घटनाओं में किया था। इसके अलावा उसके कब्जे से एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी घटना के बाद से लगातार अपने छिपने के स्थान बदल रहा था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। उसके पकड़े जाने से सिडकुल इलाके में सक्रिय अपराधी गिरोह को बड़ा झटका लगा है। सिडकुल थाना पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
लूट और अपहरण का आपराधिक सिलसिला
आदित्य वशिष्ठ और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। हरिद्वार में लूट की घटना से पहले इन चारों ने देहरादून के रायपुर इलाके में एक महिला सुषमा वर्मा का दिनदहाड़े अपहरण करने की कोशिश की थी। यह प्रयास विफल रहने के बाद वे सभी देहरादून से भागकर हरिद्वार आ गए थे। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने अपनी पहचान छिपाने की भी कोशिश की। चौबीस सितंबर के दिन जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने शराब पीने के बाद लूटपाट का निर्णय लिया। उन्होंने सिडकुल क्षेत्र की रौ नदी के समीप पंकज नाम के बाइक सवार व्यक्ति को तमंचे के बल पर रोका। आरोपी पंकज से उसका मोबाइल और मोटरसाइकिल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य साथी अपराधियों दीपक, आकाश उर्फ पहाड़ी और सुशांत झड़ियाल को पहले ही जेल भेज दिया था। आदित्य की गिरफ्तारी के बाद अब इस गिरोह के सभी सदस्य पुलिस की कानूनन पकड़ में आ चुके हैं।
अपहरण की साजिश का पूरा खुलासा
देहरादून में महिला अपहरण के प्रयास के पीछे की साजिश का खुलासा एक गिरफ्तार युवती ने किया है। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह दीपक को पिछले दो सालों से जानती थी। दोनों एक साथ कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे थे। व्यापारिक मतभेदों और डेयरी खोलने के विवाद के कारण महिला सुषमा वर्मा से उनका झगड़ा हुआ था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए आरोपी युवती ने अपहरण की योजना बनाई थी। इस साजिश में उसने दीपक और उसके साथियों का सहयोग लिया था। हालांकि हरिद्वार पुलिस ने लूट के मामले में इन सभी को दबोच लिया है। एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं जिन्होंने लंबी मशक्कत के बाद सफलता पाई है। अब इन सभी को जेल में रखा गया है और पुलिस उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाकर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।