लाइन बाजार क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पूर्णिया जिले के लाइन बाजार इलाके के एक निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर से जुड़ा गंभीर मामला उजागर हुआ है जहां एक पीड़ित महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार एक युवक ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और जब वह पांच माह से गर्भवती हो गई तो आरोपियों ने मिलकर उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। इस वीभत्स कृत्य के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली। महिला थाना में दर्ज किए गए इस मुकदमे के आधार पर पुलिस महकमे ने एक विशेष टीम का गठन किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए तुरंत जाल बिछाया। पुलिस की इस विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए मधेपुरा के रहने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए इन दोनों आरोपियों की पहचान राकेश कुमार और दिलराज कुमार के रूप में हुई है जिन्हें पुलिस अब हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
गुप्त रणनीति अपनाकर पुलिस ने आरोपियों को दबोचा
इस आपराधिक प्रकरण का खुलासा करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने बेहद गोपनीय और चतुर रणनीति का सहारा लिया था। महिला थाने की दो महिला कर्मियों ने सादे कपड़ों में रहकर मुख्य आरोपी से संपर्क साधा और गर्भपात कराने की इच्छा जताई। योजना के मुताबिक आरोपी ने उन महिला पुलिसकर्मियों को लाइन बाजार स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बुलाया जहां उसकी पोल खुल गई। इस सुनियोजित स्टिंग जैसी कार्रवाई के माध्यम से पुलिस को अवैध रूप से चल रहे गर्भपात रैकेट और उसमें शामिल लोगों के सुराग जुटाने में बड़ी मदद मिली। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़िता की सबसे पहले लाइन बाजार के एक केंद्र में अल्ट्रासाउंड जांच कराई गई थी और उसके बाद पास के ही एक निजी अस्पताल में उसका जबरन गर्भपात किया गया था। इस पूरी आपराधिक गतिविधि में दो स्थानीय डॉक्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं जिनकी संलिप्तता की पुष्टि के लिए पुलिस लगातार साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों संलिप्त डॉक्टरों और अवैध रूप से संचालित हो रहे दो क्लीनिकों के खिलाफ सख्त सीलिंग की कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से अमल में लाई जा रही है।
एसएसपी के जनता दरबार में खुला था राज
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती लेकर एसएसपी डॉ। शौर्य सुमन के जनता दरबार में गुहार लगाई। पीड़िता ने वहां पहुंचकर एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और फौरन कानूनी शिकंजा कसा गया। मामले की नजाकत को भांपते हुए एसएसपी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के संयुक्त निर्देशों के तहत एक उच्चस्तरीय जांच टीम बनाई गई। इस विशेष जांच दल का नेतृत्व क्राइम ब्रांच की डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा कर रही हैं जिनके मार्गदर्शन में महिला थाना पुलिस लगातार अनुसंधान कर रही है। पुलिस अब पीड़िता के अदालत में दर्ज कराए गए बयानों चिकित्सा जांच की रिपोर्टों और तकनीकी सबूतों को आधार बनाकर अपनी कानूनी कार्रवाई को पुख्ता कर रही है। जांच अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस अवैध गर्भपात रैकेट के तार अन्य किन लोगों से जुड़े हैं इसकी भी गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस गैरकानूनी धंधे में और कौन-कौन से अस्पताल संचालक या दलाल शामिल हैं ताकि सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।