कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम

जमुई यौन उत्पीड़न मामला: बिहार के जमुई में छात्रा के साथ अपराध पर जेडीयू ने लालू राज का किया जिक्र

बिहार के जमुई जिले में एक छात्रा के साथ हुए गंभीर यौन उत्पीड़न मामले ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को अचानक तेज कर दिया है। घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखा बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है, जिसमें जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर पुराने दौर की यादों और कानून-व्यवस्था के संदर्भ में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

A
Ankit Yadav
22 सित 2026, 17:15
जमुई यौन उत्पीड़न मामला: बिहार के जमुई में छात्रा के साथ अपराध पर जेडीयू ने लालू राज का किया जिक्र

जमुई में छात्रा के साथ घटी गंभीर घटना बिहार के जमुई जिले के भीतर एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है जिसने हर तरफ सनसनी फैला दी है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अंगों में हड़कंप मच गया है। पीड़ित छात्रा के साथ हुई इस अमानवीय हरकत के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और छात्रों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है, और लोग दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे प्रकरण की बेहद गहराई से छानबीन कर रहे हैं और साक्ष्यों को जुटाने का काम पूरी तत्परता के साथ किया जा रहा है। इस मामले में अब तक की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है ताकि घटना के प्रत्येक पहलू से पर्दा उठाया जा सके और पीड़िता को पूरी न्याय व्यवस्था के तहत न्याय दिलाया जा सके। समाज के विभिन्न वर्गों और महिला संगठनों ने भी इस घिनौने कृत्य की पुरजोर निंदा करते हुए प्रशासन से अपराधियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार करने की मांग उठाई है।

जेडीयू नेताओं की ओर से आया लालू राज का हवाला इस ताजा अपराध के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल सा आ गया है और सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू के नेताओं ने इस घटना की आड़ में विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है। जेडीयू के प्रवक्ताओं और नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुराने दौर यानी लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का जिक्र किया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उनका तर्क है कि मौजूदा सरकार अपराध के मामलों में पूरी संवेदनशीलता और सख्ती के साथ काम कर रही है, जबकि अतीत के उस दौर में इस तरह की घटनाओं को दबाने या अपराधियों को संरक्षण देने का चलन था। इस बयानबाजी के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है और विपक्षी दलों की तरफ से भी पलटवार किए जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की वारदातों को आगामी चुनावों या राजनीतिक नफा-नुकसान के चश्मे से देखना आम जनता और पीड़ित पक्ष के साथ एक बड़ा अन्याय है, क्योंकि ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर ठोस प्रशासनिक कदम उठाने की आवश्यकता होती है।

कानून व्यवस्था और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जमुई की इस घटना के बाद से पूरे प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस मुस्तैदी को लेकर एक बार फिर से गंभीर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक हलकों से मिल रही जानकारी के अनुसार पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग अपने हाथों में ले ली है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जा सके। स्थानीय प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके। महिला आयोग और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिससे सरकार और पुलिस पर दबाव काफी हद तक बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस मामले में अदालत के समक्ष कितनी मजबूत चार्जशीट दाखिल करती है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपियों को कितनी जल्दी सजा दिलाई जा पाती है, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश प्रसारित हो सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज