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कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत: कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में अदालत से बरी

दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में साक्ष्यों के अभाव और अन्य कमियों के चलते बरी कर दिया है।

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Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 14:32
कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत: कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में अदालत से बरी
देश की राजधानी की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित और लंबे समय से सुर्खियों में रहे कुश्ती उत्पीड़न मामले में अपना अहम फैसला सुना दिया है। अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद और कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत ने यह पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए विवरणों और शिकायतों में कई महत्वपूर्ण विसंगतियां थीं, जो कानूनी रूप से टिक नहीं सकीं। इस फैसले के आने के बाद कानूनी हलकों में और खेल जगत में एक बार फिर लंबी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अदालत की टिप्पणियां और कानूनी पहलू

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े विभिन्न बयानों और साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। न्यायपीठ का यह मानना था कि शिकायतों में दी गई तारीखों और घटनाओं के विवरण में विरोधाभास था, जो अभियोजन पक्ष के मामले को स्थापित करने के लिए घातक साबित हुआ। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक ठोस और अकाट्य सबूत न हों, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस तार्किक विश्लेषण के आधार पर ही बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह बड़ा फैसला सुनाया गया।

खिलाड़ियों और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस अदालती फैसले ने खेल प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। लंबे समय तक धरने और प्रदर्शनों के जरिए न्याय की मांग करने वाले पहलवानों और उनके समर्थकों के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सिंह के समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत बताया है। इस कानूनी फैसले के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में आगे उच्च न्यायालय में अपील की जाती है या फिर कुश्ती संघ और खिलाड़ियों के संबंध में कोई नया मोड़ आता है।
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