30 सितंबर की रात को हुआ खूनी संघर्ष
घटना मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अंतर्गत जैतहरी क्षेत्र में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे हुई। आरोपी रवि शराब के नशे में अपने घर पहुंचा और अपनी पत्नी तथा बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। यह हंगामा देखकर बुजुर्ग दादा गोरेलाल बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचे। आरोपी रवि ने आवेश में आकर लाठी से अपने दादा गोरेलाल और अपने पिता प्यारेलाल पनिका पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में दादा गोरेलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय आरोपी का चाचा मोहनलाल पनिका घर से बाहर खेत पर मौजूद था। लाठी के प्रहार से बचने के लिए बुजुर्ग गोरेलाल अपनी जान बचाने के वास्ते घर से बाहर की तरफ भागे। लेकिन नशे में चूर आरोपी ने उनका पीछा किया और बाहर ले जाकर भी उनके साथ लाठी से मारपीट जारी रखी। बेरहमी से हुई इस पिटाई के बाद गोरेलाल गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और अहोशी की हालत में वहीं पड़े रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पोता मौके से भाग निकला और अपने एक दोस्त के घर जाकर छिप गया ताकि पुलिस की नजरों से बच सके।
अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत
घटना के अगले दिन यानी 1 अक्टूबर की सुबह परिजनों ने 108 एंबुलेंस की मदद ली और घायल गोरेलाल को जिला अस्पताल अनूपपुर में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसी रात करीब 8 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई चिकित्सीय जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि गोरेलाल की पसली और हाथ की हड्डी पूरी तरह टूट चुकी थी तथा उनके लीवर में भी गंभीर चोट आई थी। दो अक्टूबर को इस दुखद घटना की सूचना जैतहरी पुलिस को मिली जिसके बाद पुलिस बल तुरंत जिला अस्पताल पहुंचा। मृतक के पुत्र और आरोपी के चाचा मोहनलाल पनिका ने थाने पहुंचकर इस मामले की पूरी रिपोर्ट दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पोते के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश में जुट गई।
दोस्त के घर छिपा आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा
थाना प्रभारी गोकुलानंद पाण्डेय को मुखबिर से विशेष सूचना मिली कि हत्या को अंजाम देने वाला आरोपी अपने एक दोस्त के घर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और शनिवार को बताए गए ठिकाने पर पूरी तरह घेराबंदी कर ली। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को धर दबोचा और गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि दादा की मौत की दुखद जानकारी मिलने के बाद आरोपी किसी तरह जिले की सीमा से बाहर भागने की फिराक में था। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया कि घटना के समय वह अत्यधिक शराब के नशे में था और उसे अपने किए पर कोई नियंत्रण नहीं था। गिरफ्तारी की सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी और विधिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रही है ताकि आरोपी को सजा मिल सके।