कंवाली गांव में बुजुर्ग की हत्या से सनसनी
घटना की शुरुआत 5 अक्टूबर की रात करीब साढ़े 11 बजे हुई जब कंवाली गांव के रहने वाले लाल सिंह अपनी भट्ठी देखने के लिए घर से बाहर निकले थे। उनके बेटे सचिन ने पुलिस को दी गई अपनी आधिकारिक शिकायत में इस पूरी घटना का विवरण दर्ज कराया है। लाल सिंह गांव की फिरनी पर स्थित सरकारी स्कूल के रास्ते के नजदीक दीपक पकाने की भट्ठी संचालित करते थे और रोजाना की तरह उस रात भी कामकाज देखने गए थे। रात करीब 12 बजे वह किसी तरह अपने घर लौटे लेकिन उनकी हालत बेहद दयनीय और लहूलुहान थी। परिवार के सदस्यों ने जब उनकी ऐसी हालत देखी तो तुरंत उनसे पूछताछ की जिसके बाद उन्होंने अपने साथ हुई खौफनाक हिंसा के बारे में बताया। बुजुर्ग ने परिजनों को जानकारी दी कि रास्ते में रवि और रविंद्र नामक व्यक्तियों ने उन्हें रोक लिया था और मामूली कहासुनी के बाद उनके साथ बर्बर मारपीट की गई थी। आरोपियों ने बुजुर्ग पर लाठी और डंडों से ताबड़तोड़ हमले किए जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। हमलावरों ने उन्हें भविष्य के लिए जान से मारने की गंभीर धमकियां भी दी थीं।
अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे पीड़ित परिजन
हमले के बाद परिजनों ने बिना किसी देरी के लहूलुहान लाल सिंह को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल सोनीपत पहुंचाया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत रोहतक के पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद स्वजन उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में बहालगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को भांपते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने का फैसला किया। हालांकि लगातार वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद उनकी सेहत में कोई सकारात्मक बदलाव या सुधार देखने को नहीं मिला। परिजनों ने हार न मानते हुए उन्हें दोबारा पीजीआई रोहतक ले जाने का निर्णय लिया ताकि उनकी जान बचाई जा सके। अंततः पीजीआई रोहतक में ही डॉक्टरों की देखरेख में उपचार के दौरान लाल सिंह ने दम तोड़ दिया और उनकी सांसें थम गईं। इस दुखद और अचानक हुई मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया है और स्थानीय लोगों में आरोपियों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
पुलिस जांच और फरार आरोपी की तलाश जारी
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है और कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। मृतक के बेटे सचिन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात में शामिल आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है क्योंकि इस मामले में दूसरा आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि उसे भी जल्द दबोचा जा सके। बुजुर्ग की इस प्रकार बेरहमी से हुई हत्या ने पूरे इलाके के निवासियों को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस घटना की कड़ी निंदा कर रहा है। प्रशासन का मुख्य फोकस अब फरार चल रहे आरोपी को पकड़ने और इस मामले में शामिल सभी तथ्यों को पूरी तरह से उजागर करने पर है।