पीपीगंज थाना क्षेत्र में घर पर सुनियोजित हमला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के अंतर्गत आने वाले पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक वारदात सामने आई है। इस घटना के दौरान कुल चार लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं जिन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला एक नाबालिग लड़की के जाने को लेकर उपजे विवाद से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वार्ड नंबर सात में रहने वाले एक परिवार का किशोर वार्ड नंबर छह की एक नाबालिग किशोरी को अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा था जिसके परिणामस्वरूप यह खूनी संघर्ष हुआ। रात के समय करीब बीस लोगों की भीड़ ने योजनाबद्ध तरीके से कमलेश गौड़ के घर पर धावा बोल दिया। चूंकि उस समय मकान अंदर से बंद था इसलिए हमलावरों ने बलपूर्वक मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया। ताला तोड़ने के बाद सभी आरोपी जबरन घर के भीतर घुस गए और वहां मौजूद परिवार के सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए इस ताबड़तोड़ हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई और पीड़ित परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
छत से नीचे धक्का देकर गंभीर रूप से घायल किया
हमलावरों की इस हिंसक कार्रवाई के दौरान घर के अंदर मौजूद लोगों को गंभीर चोटें आईं। जिस वक्त यह हमला हुआ उस समय कमलेश गौड़ अपने घर की छत पर सो रहे थे। हमलावर छत पर चढ़ गए और उन्होंने कमलेश गौड़ को नीचे की तरफ धक्का दे दिया। इस खतरनाक हरकत के कारण उनकी कमर में बहुत गहरी चोट लग गई और उनकी हालत तुरंत बहुत नाजुक हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों में किशन गौड़, पूनम देवी और एक अन्य व्यक्ति भी इस भीषण मारपीट में घायल हो गए हैं। गंभीर रूप से घायल कमलेश गौड़ को फौरन इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। एसपी नार्थ राजेश गुनावत, क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह और थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह भारी पुलिस बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर लगभग चालीस पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार की और हिंसा न भड़क सके।
नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
हिंसा की इस घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस थाने में आधिकारिक तहरीर दी गई है। शैलेश गौड़ की तरफ से दी गई इस तहरीर में दो लोगों को स्पष्ट रूप से नामजद किया गया है। इसके अलावा इस शिकायत में बीस अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त हुई तहरीर के आधार पर कानून सम्मत सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है। दोबारा ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीड़ित के घर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती जारी है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि इस पूरे विवाद में शामिल सभी दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।