नाका क्षेत्र में मां की निर्मम हत्या
लखनऊ के नाका इलाके में गुरुवार की शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय किशोर ने अपनी ही मां की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, इस घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। किशोर काफी समय से अपनी मां के साथ रहने के बजाय अलग फ्लैट में रह रहा था। गुरुवार को करीब छह बजे शाम को वह अपनी मां के घर पहुंचा, जहां उन्होंने उसे चाय पीने के लिए आमंत्रित किया था। चाय पीने के दौरान ही उसने अपनी योजना को क्रियान्वित किया और मां के चेहरे पर चिली सॉस छिड़क दी। इसके तुरंत बाद उसने रिंच से उनके सिर पर कई बार वार किए, जिससे गंभीर रूप से घायल होकर महिला की मौत हो गई। खून देखकर घबराए हुए किशोर ने खुद ही अपने पिता और पुलिस को फोन करके इस हत्याकांड की सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और आरोपी को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया है।
साजिश और ऑनलाइन खरीदारी का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह हत्या अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित थी। किशोर ने करीब तीन महीने पहले ही अपनी मां की जान लेने की खौफनाक साजिश रच ली थी। इसके लिए उसने इंटरनेट का सहारा लिया और हत्या के तरीकों को बारीकी से खंगाला था। उसने ऑनलाइन माध्यम से रिंच और मिर्च जैसे हथियार मंगवाए थे, ताकि वारदात के समय किसी को संदेह न हो। नाका थाना प्रभारी विवेक चौधरी के अनुसार, आरोपी किशोर अपने माता-पिता से गहरे द्वेष की भावना रखता था। पिता ने बताया कि बेटे का व्यवहार पिछले कुछ समय से बेहद असामान्य हो गया था और वह बात-बात पर हिंसक हो जाता था। घटना के समय पिता ने उसे फोन किया था लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला, जिसके बाद पिता अपनी दुकान लौट गए थे। अगर उस समय दरवाजा खुल गया होता, तो शायद यह अनहोनी टाली जा सकती थी। पुलिस अब इस मामले में सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है और किशोर के बयानों को भी दर्ज किया जा रहा है।
पारिवारिक कलह और मानसिक स्वास्थ्य का इतिहास
इस मामले के पीछे लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद और किशोर का मानसिक स्वास्थ्य मुख्य कारण माना जा रहा है। पिता ने खुलासा किया कि साल 2022 में किशोर के व्यवहार में अचानक हार्मोनल बदलाव आए थे, जिसके बाद उसका दो वर्षों तक नूर मंजिल में इलाज चला था। बाद में उसे मेडिकल कॉलेज में भी उपचार के लिए ले जाया गया था। तनाव तब और बढ़ गया जब तीन महीने पहले किशोर ने अपने ही माता-पिता पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगाकर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया था। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने इलाज की सिफारिश की थी, लेकिन माता-पिता के बीच सहमति न बन पाने के कारण उचित व्यवस्था नहीं हो सकी। किशोर की आदतों में लड़कियों के कपड़े पहनने और बोलने के तरीके में बदलाव को लेकर घर में अक्सर मारपीट होती थी। जन्मदिन पर मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद से दूरी और अधिक बढ़ गई थी, जिसका दुखद अंत इस हत्या के रूप में हुआ है।