लूडो खेल के दौरान हुआ खूनी विवाद
शनिवार की शाम को अलीगंज और मड़ियांव थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित पुरनिया पुल के नीचे कुछ युवक आपस में बैठकर लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान खेल-खेल में उनके बीच किसी बात को लेकर अचानक कहासुनी शुरू हो गई जो कि देखते ही देखते एक बड़े झगड़े में बदल गई। इस खेल के दौरान वहां कुछ युवक शराब भी पी रहे थे। झगड़ा बढ़ने पर स्थिति इतनी हिंसक हो गई कि वहां मौजूद एक युवक ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। मृतक की पहचान सीतापुर जिले के रहने वाले बत्तीस वर्षीय राहुल अवस्थी के रूप में हुई है। राहुल वहां पुल के पास डाला चलाने का काम करता था और शनिवार की शाम रोज की तरह वहां मौजूद था। लूडो के इस सामान्य से खेल ने कुछ ही पलों में एक भयानक रूप ले लिया और वहां मौजूद लोगों के बीच आपसी तनातनी इस कदर बढ़ गई कि एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना की इस अचानक हुई वारदात से आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हमलावर मौके से फरार हो चुका था। पुलिस को इस सनसनीखेज वारदात की सूचना तुरंत दी गई जिसके बाद अलीगंज और मड़ियांव दोनों थानों की पुलिस हरकत में आई और फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हुई।
कैंची से ताबड़तोड़ वार कर फरार हुआ आरोपी
मड़ियांव पुल के पास मुर्गी फार्म के पास रहने वाले प्रदीप नाम के व्यक्ति से राहुल का विवाद हुआ था। गेम खेलने के दौरान जब उनके बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई तो आरोपी प्रदीप गुस्से में आकर पास की फुटपाथ पर मालिश की दुकान से एक कैंची उठा लाया। इसके बाद आरोपी ने बिना किसी देरी के राहुल अवस्थी के सीने और पेट पर कैंची से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस अचानक हुए घातक हमले से राहुल बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया और मौके पर ही बेहोश हो गया। खून से लथपथ हालत में राहुल के बेदम होते ही हमलवार प्रदीप वहां से तेजी से भाग निकला। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत घायल राहुल अवस्थी को अपनी गाड़ी से एक निजी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद परिजन राहुल को लेकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राहुल के मौसेरे भाई शिवम ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मी सिर्फ तमाशा देखते रहे और उन्होंने किसी भी एंबुलेंस को बुलाने की जहमत नहीं उठाई। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते अस्पताल पहुंचाया होता या एंबुलेंस की व्यवस्था की होती तो शायद राहुल की जान बच सकती थी। अंततः परिजनों को ही मजबूरन खुद ऑटो का सहारा लेकर राहुल को इलाज के लिए केजीएमयू अस्पताल ले जाना पड़ा।
पुलिस हिरासत और परिजनों का तीखा आक्रोश
इस दुखद और सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से मृतक के परिवार वालों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि घटनास्थल पर पहुंचने वाली पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय केवल माहौल का जायजा लिया और कोई त्वरित चिकित्सीय सहायता मुहैया नहीं कराई। यदि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय पर एंबुलेंस बुलाई होती या खुद तत्परता दिखाई होती तो राहुल अवस्थी कीमती जान बचाई जा सकती थी। इस बीच पुलिस का आधिकारिक तौर पर दावा है कि आरोपी प्रदीप को हिरासत में ले लिया गया है और उससे इस पूरे मामले को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। यह पूरा खूनी घटनाक्रम अलीगंज और मड़ियांव थाना क्षेत्रों के बॉर्डर के पास घटित हुआ था जिसके कारण दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य तथ्यों का भी पता लगाया जा रहा है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मामूली विवाद भी किस प्रकार से जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस पूरी वारदात के बाद से इलाके के स्थानीय लोगों में भी भय और चिंता का माहौल बना हुआ है तथा हर कोई इस वीभत्स घटना की निंदा कर रहा है।