नागपुर में दबोची गई मुख्य आरोपित
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित एक कैफे के संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपित के रूप में चिह्नित की गई मॉडल श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस अधिकारियों को उसकी सटीक लोकेशन आगरा जिले में मिली थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरफ्तारी से पहले वह आगरा के फतेहाबाद रोड पर बने होटल ओम पैलेस में रुकी हुई थी। हालांकि जब तक पुलिस की टीम उस होटल तक पहुंच पाती, तब तक वह वहां से अन्य वाहन से जा चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और देश के विभिन्न हिस्सों में छिपे बैठे मददगारों की तलाश तेजी से की जा रही है।
होटल में रुकने का वीडियो वायरल
मंगलवार के दिन सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हुए जिनकी अवधि 26 और 16 सेकंड की बताई गई है। इन वायरल फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो युवतियां और एक युवक फतेहाबाद रोड पर स्थित होटल ओम पैलेस के अंदर प्रवेश कर रहे हैं। आगे चल रही युवती ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को काले रंग के शाल से पूरी तरह ढंक रखा था जिसकी वजह से उसका चेहरा स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहा है। उनके साथ एक अन्य युवती और एक युवक भी था जिसके हाथ में बैग मौजूद था। ये सभी लोग लखनऊ पंजीकरण संख्या वाली एक टैक्सी से नीचे उतरे थे। होटल के रिकॉर्ड और वीडियो के अनुसार यह लोग 17 अक्टूबर को सुबह छह बजकर 53 मिनट पर वहां पहुंचे थे। इसके अगले दिन सुबह छह बजकर 30 मिनट पर ये सभी लोग आगरा पंजीकरण संख्या वाली अर्टिगा कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए। होटल के कमरे रायबरेली निवासी देवराज यादव के नाम पर बुक किए गए थे।
मददगारों पर शिकंजा और पुरानी पृष्ठभूमि
लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कैफे संचालक शिवा शर्मा की गत नौ अक्टूबर को एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने इस दुर्घटना को हत्या बताते हुए कानूनी मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें शिवा की लिव इन पार्टनर श्रद्धा दुबे को मुख्य अभियुक्त बनाया गया। इस बीच पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि श्रद्धा को शरण देने वाले और उसकी हर कदम पर मदद करने वाले लोग लखनऊ से लेकर नेपाल, आगरा और नागपुर तक फैले हुए हैं। पुलिस ने ऐसे कई संदिग्ध मददगारों को चिह्नित कर लिया है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों द्वारा उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया खातों की बारीकी से छानबीन की जा रही है। बार्डर क्षेत्रों से लेकर नेपाल तक उसकी सहायता करने वाले तमाम चेहरे अब पुलिस के राडार पर आ चुके हैं। घटना से कुछ दिन पहले श्रद्धा लखनऊ में अपने वकील से मिली थी और चार-पांच घंटे रुकने के बाद एक मीडिया एजेंसी को साक्षात्कार भी दिया था।