सारनाथ थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ और आरोपी की गिरफ्तारी
वाराणसी कमिश्नरेट के सारनाथ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचकोसी के पैगंबरपुर इलाके में गैरकानूनी रूप से चलाई जा रही पटाखा निर्माण इकाई में एक भयानक विस्फोट हुआ था। इस दुर्घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी राजू खान मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश में स्थानीय पुलिस लगातार जुटी हुई थी। वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त राजेश पांडेय के अनुसार एयर शो के मद्देनजर पुलिसकर्मी सरायमोहाना घाट के समीप गश्त कर रहे थे। उसी दौरान सुरक्षा बलों को झाड़ियों के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया जिसे घेरने का प्रयास किया गया। जब पुलिस बल ने उसे रुकने का आदेश दिया तो उसने कानून के शिकंजे से बचने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। अपनी रक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कदम उठाया जिसमें संदिग्ध के पैर में गोली जा लगी और वह ज़मीन पर गिर पड़ा। इसके बाद घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां पुलिस सुरक्षा के पहरे में उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई देर रात गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को भांपने के बाद अंजाम दी गई।
विस्फोट की घटना और परिवार के सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराना
घटना वाले दिन यानी गुरुवार की शाम करीब 5 बजे राजू खान के पैगंबरपुर स्थित करीब 450 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाले दो मंजिला मकान में जोरदार धमाका हुआ था। इस शक्तिशाली विस्फोट की चपेट में आने से इमारत का अगला आधा हिस्सा पूरी तरह से ढह गया और मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग मकान के पिछले हिस्से में मौजूद थे जबकि आगे के हिस्से में खतरनाक सामग्रियां रखी हुई थीं। धमाके की गूंज सुनकर आसपास के तमाम लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे से राजू की पत्नी चांदनी, बेटे आदिल तथा बेटी अरबिया को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों के मुताबिक जब शुरुआती पूछताछ की गई थी तो आरोपी ने घर के अंदर घरेलू सिलेंडर फटने की झूठी बात कही थी और मदद लाने का बहाना बनाकर वहां से भाग निकला था। नरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी घायलों को तुरंत कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। इस हादसे में 39 वर्षीय पत्नी चांदनी लगभग 90 प्रतिशत तक बुरी तरह झुलस चुकी है जिन्हें तुरंत आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 16 वर्षीय बेटे आदिल खान की नाक से खून बह रहा था और उसे भी गंभीर हालत में आईसीयू में रखा गया है। वहीं 10 साल की बेटी अरबिया को इस दुर्घटना में हल्की चोटें आईं और डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उसकी हालत पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।
अवैध निर्माण का खुलासा और पुलिस द्वारा की जा रही आगे की कानूनी कार्रवाई
शुरुआती दौर में आरोपी ने स्थानीय नागरिकों को गुमराह करने के लिए रसोई गैस सिलेंडर फटने की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि दो मंजिला इमारत के भीतर बड़े पैमाने पर अवैध रूप से विस्फोटक पटाखे तैयार किए जाते थे और उन्हें वहीं डंप किया जाता था। हादसे के तुरंत बाद मुख्य आरोपी अपनी मां के साथ मिलकर घटनास्थल से फरार हो गया था जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। गश्त के दौरान सरायमोहाना घाट के पास संदिग्ध रूप से छिपे होने की सूचना और सुराग मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की थी। गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान आरोपी ने पुलिस दल पर सीधा हमला कर दिया था जिससे दल के एक दरोगा अमरजीत की बुलेटप्रूफ जैकेट बाल-बाल बची। पुलिस टीम ने अपनी आत्मरक्षा में जो जवाबी कार्रवाई की उसी दौरान आरोपी घायल हुआ और उसे दबोच लिया गया। अब पुलिस हिरासत में आने के बाद आरोपी से इस अवैध कारखाने के संचालन, कच्चा माल लाने के स्रोतों और इस काले कारोबार में संलिप्त अन्य लोगों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे खतरनाक पटाखा निर्माण के कारोबार और उससे जुड़े सुरक्षा खतरों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।