नाली से पानी निकालने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
घटना की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी जब पानी निकासी के रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब इस बात का विरोध किया गया तो स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और बात मारपीट तक जा पहुंची। उस समय घर के अंदर मौजूद दो महिलाओं को निशाना बनाया गया और उनके साथ बुरी तरह गाली-गलौज की गई। आरोप है कि कुछ दबंग लोग जबरन घर के परिसर में घुस गए और वहां जमकर तोड़फोड़ की जिससे घर का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान एक महिला को बेरहमी से जमीन पर पटक दिया गया और उसके कपड़े तक फाड़ डाले गए। इस भयानक घटना के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह सहम गया और उन्होंने तुरंत न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया। घर के सदस्यों ने स्थानीय थाने का दरवाजा खटखटाया और अपनी शिकायत दर्ज कराई ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा सकें।
पुलिस की उदासीनता के बाद पीड़ित परिवार पहुंचा न्यायालय
स्थानीय पुलिस थाने में गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास भी पहुंचाई लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी और किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। अधिकारियों की तरफ से कोई भी सुराग या मदद न मिलने के कारण पीड़ित परिवार के पास अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। उन्हें न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा और न्यायालय में न्याय की गुहार लगानी पड़ी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को समझा और संज्ञान लेते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। अदालत के इस हस्तक्षेप के बाद तारुन थाना प्रभारी लालचंद सरोज ने मीडिया को जानकारी दी कि अदालत के सख्त निर्देशों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
अदालत के निर्देश के बाद अब शुरू हुई मामले की जांच
न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और पुलिस अधिकारी अब सक्रियता से इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं। इस हिंसक झड़प में घायल हुई महिला को तुरंत चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के लिए अयोध्या के श्रीराम चिकित्सालय ले जाया गया जहां उसका इलाज कराया गया। डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार हुआ ताकि उसकी चोटों को ठीक किया जा सके। 89 दिन के लंबे अंतराल के बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने से अब पीड़ित परिवार को न्याय की एक नई उम्मीद बंधी है। तारुन थाना प्रभारी लालचंद सरोज के अनुसार पुलिस अब उन सभी बिंदुओं की गहराई से जांच कर रही है जिनका जिक्र शिकायत में किया गया है। घर में तोड़फोड़ करने वाले, महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता करने वाले तथा कपड़े फाड़ने वाले सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।