गिरफ्तारी के दौरान पुलिस दल पर अचानक हुआ हमला
बिहार राज्य के अंतर्गत आने वाले बगहा क्षेत्र में स्थित नौरंगिया थाना के अधिकार क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ खाकी वर्दीधारी कर्मियों को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। नौरंगिया थाना में दर्ज कांड संख्या 89/26 के तहत दर्ज शराब बरामदगी के एक मामले में नामजद अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम रवाना हुई थी। संबंधित अभियुक्तों की पहचान नौरंगिया गांव के निवासी भूलन बीन और नागेंद्र बीन के रूप में की गई है जिनकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। नौरंगिया थाना के थाना अध्यक्ष राज रौशन के नेतृत्व में गठित इस पुलिस दल को दोनों आरोपितों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस बल जब आरोपियों के ठिकाने पर पहुंचा और उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। आरोपियों को बचाने और पुलिस अभिरक्षा से उन्हें भगाने की नीयत से वहां मौजूद लोगों ने पुलिस बल के ऊपर अचानक धावा बोल दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ तीखी हाथापाई की गई और चारों तरफ से बड़े पैमाने पर रोड़ेबाजी शुरू कर दी गई। पथराव की इस अचानक हुई घटना से मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया। इस पूरी झड़प और पथराव के दौरान थाना अध्यक्ष राज रौशन समेत कुल पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
घायल कर्मियों का अस्पताल में इलाज और स्थिति नियंत्रण
हिंसक झड़प के दौरान घायल हुए सभी पांचों पुलिसकर्मियों को तुरंत घटनास्थल से निकालकर चिकित्सीय सहायता के लिए हरनाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हरनाटांड़ पीएचसी के डॉक्टरों ने सभी घायल कर्मियों का तत्काल उपचार शुरू किया ताकि उनकी चोटों का समय पर इलाज किया जा सके। इस बीच जब पुलिस दल पर हमले और तस्कर को छुड़ाए जाने की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो महकमे में हड़कंप मच गया। बगहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी निहार भूषण ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कड़े निर्देश जारी किए। एसडीपीओ के आदेश के अनुपालन में आसपास के कई अन्य थानों की पुलिस बल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। अतिरिक्त पुलिस बल के गांव में पहुंचते ही स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता मिली और उपद्रवियों को खदेड़ा गया। बगहा के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने मीडिया को इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए अभियुक्त नागेंद्र बीन को दोबारा दबोचने के लिए लगातार छापामारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुराने मामले की पृष्ठभूमि और फरार आरोपियों की तलाश
इस पूरी घटना की जड़ में पिछले महीने सामने आया अवैध शराब तस्करी का एक पुराना मामला जुड़ा हुआ है। घटना का जिक्र करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीती 20 सितंबर की रात को आरोपी उत्तर प्रदेश की सीमा से अवैध शराब की खेप लेकर मोटरसाइकिल या अन्य वाहन से आ रहे थे। नौरंगिया थाना की पुलिस टीम उस रात इलाके में नियमित जांच अभियान चला रही थी और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही थी। जब तस्करों ने पुलिस दल को वाहन जांच करते हुए देखा तो वे घबरा गए और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए शराब से भरी खेप वहीं सड़क पर ही फेंक कर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने उस रात कार्रवाई करते हुए लावारिस हालत में छोड़ी गई लगभग 26 लीटर शराब मौके से बरामद कर ली थी। इस जब्ती के बाद पुलिस ने मामले की गहन छानबीन की और उत्तर प्रदेश से शराब लाने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। इसके आधार पर पुलिस ने नौरंगिया गांव के रहने वाले भूलन बीन और नागेंद्र बीन को इस पूरे मामले में नामजद अभियुक्त बनाया था। इन्हीं दोनों आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए पुलिस ने जब हाल ही में छापामारी की तो यह हिंसक झड़प भड़क उठी। पुलिस महकमा अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस हमले के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।