आवासीय स्कूल में छात्रा से दरिंदगी
साहिबगंज जिले में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के छात्रावास में एक नाबालिग छात्रा के साथ बार-बार दुष्कर्म की घटना सामने आई है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली इस छात्रा ने स्कूल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मी ने छात्रा को भयभीत कर और डरा-धमकाकर सात से आठ बार इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया है। इस दौरान आरोपी ने उसे किसी के सामने मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना का पता तब चला जब छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजनों द्वारा डॉक्टर से जांच कराने पर उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद छात्रा ने अपने साथ हुई पूरी ज्यादती के बारे में घर वालों को विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद रंगा थाना पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। रंगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव के अनुसार, 30 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने इस मामले में नामजद दोनों मुख्य आरोपियों को एक अक्टूबर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद इन आरोपियों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ स्कूल के निदेशक की संलिप्तता के गंभीर संकेत मिले हैं। निदेशक पर साक्ष्यों को मिटाने और इस जघन्य मामले को दबाने का सीधा आरोप लगाया गया है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा दर्ज प्राथमिकी में स्कूल के हॉस्टल में रह रहे बच्चों की सुरक्षा में भारी लापरवाही बरतने की बात भी कही गई है। पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य संभावित आरोपियों का पता लगाया जा सके।
स्कूल परिसर को बंद करने का आदेश
इस घटना के बाद जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साहिबगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार ने गुरुवार को आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए स्कूल को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रखने को कहा है। विभाग ने यह भी आदेश दिया है कि स्कूल परिसर में चल रहे छात्रावास को तत्काल खाली कराया जाए ताकि वहां रहने वाले अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ऐसी घटनाओं ने शिक्षा जगत में आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी निदेशक तथा सुरक्षा गार्ड पर कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जाएगी। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस इस पूरे मामले के हर तथ्य की पड़ताल कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके और स्कूल में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी तय की जा सके।