अहमदाबाद में वायरल ऑफर और पुलिस की चेतावनी अहमदाबाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों गरबा समारोहों के लिए साथी ढूंढने से जुड़े कई विज्ञापन और संदेश तेजी से इंटरनेट पर फैल रहे हैं, जिन्हें लेकर शहर की साइबर अपराध शाखा ने नागरिकों को एक विशेष परामर्श जारी करते हुए सतर्क रहने की हिदायत दी है। इस तरह के ऑनलाइन प्रस्ताव अक्सर उन युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास करते हैं जो त्योहारों के दौरान पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने के लिए उत्सुक रहते हैं, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे संगठित ठगों का एक खतरनाक जाल काम कर रहा है जो भोले-भाले लोगों को अपना आसान शिकार बना सकता है। इंटरनेट पर तैर रहे इन लुभावने पैगामों में बिना किसी पहचान की पुष्टि के अनजान लोगों से संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है, जिससे व्यक्तिगत डेटा की चोरी से लेकर आर्थिक धोखाधड़ी होने की प्रबल आशंका बनी हुई है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने आम जनता को सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार की हरकतों से पूरी तरह दूर रहने की स्पष्ट सलाह दी है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
त्योहारी सीजन में बढ़ते डिजिटल धोखे का खतरा जब भी देश में नवरात्रि या अन्य बड़े उत्सवों का उल्लास अपने चरम पर होता है, तब साइबर अपराधियों और डिजिटल ठगों सक्रियता कई गुना बढ़ जाती है जो विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों और गरबा रातों की आड़ में आम नागरिकों को ठगने के नए-नए नायाब तरीके ढूंढ निकालते हैं। इस प्रकार की घटनाएं केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहती बल्कि महानगरों से लेकर छोटे कस्बों तक हर जगह उत्सव प्रेमियों को लुभाने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर धोखाधड़ी का जाल बिछाया जाता है, जिसमें लोगों की भावनाओं और उत्सव की उमंग का गलत फायदा उठाया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में अक्सर पीड़ितों से अग्रिम भुगतान मांगा जाता है या फिर उन्हें किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसके माध्यम से उनके बैंक खातों की गोपनीय जानकारियां चुरा ली जाती हैं और देखते ही देखते उनकी गाढ़ी कमाई पलभर में साफ हो जाती है। ऐसे जालसाज पूरी योजना के साथ काम करते हैं और त्योहार के माहौल की भीड़भाड़ का लाभ उठाकर कानून की नजरों से बचने का प्रयास करते हैं, जिससे यह जरूरी हो जाता है कि हर नागरिक किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी सत्यता की जांच जरूर कर ले और अपनी निजी सूचनाएं किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ साझा करने से सख्ती से बचे।
नागरिकों के लिए सुरक्षा उपाय और आगे की कार्रवाई इस ताजा मामले के सामने आने के बाद साइबर पुलिस ने अपनी तकनीकी निगरानी को और अधिक मजबूत कर दिया है तथा उन तमाम सोशल मीडिया अकाउंट्स और पेजों की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है जिनके जरिए इस प्रकार की भ्रामक और संदिग्ध सामग्री को प्रसारित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह इस तरह के अवैध और संदिग्ध अभियानों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की हरकतों को दोहराने की हिम्मत कोई न कर सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी भी नागरिक को इस तरह का कोई भी संदिग्ध विज्ञापन या संदेश दिखाई देता है तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर दें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। त्योहारी सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी समझदारी और सावधानी का परिचय देते हुए किसी भी अनजान शख्स के झांसे में आने से बचें।