सारनाथ पुलिस ने गांवों में जाकर लोगों को दी साइबर अपराधों से जुड़ी अहम जानकारियां
वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों में मंगलवार के दिन पुलिस बल ने विशेष जनसंपर्क अभियान का संचालन किया। इस दौरान गंज, बरईपुर, खजुही, घुरहूपुर और तीसरिया गांव के स्थानीय निवासियों को आधुनिक डिजिटल धोखाधड़ी के तरीकों से आगाह किया गया। पुलिस दल का नेतृत्व कर रहे साइबर सेल के सब इंस्पेक्टर राहुल यादव ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने बहुत ही सरल भाषा में समझाया कि किस प्रकार ऑनलाइन ठग भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाते हैं। इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को डिजिटल माध्यमों पर होने वाले वित्तीय अपराधों के प्रति पूरी तरह सतर्क करना था ताकि वे अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकें। इस दौरान गांव के तमाम लोग उपस्थित रहे और उन्होंने पुलिस द्वारा दी गई इन महत्वपूर्ण जानकारियों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना तथा भविष्य में पूरी सावधानी बरतने का संकल्प लिया।
साइबर सेल के अधिकारियों ने ठगी से बचने के लिए साझा किए जरूरी और सुरक्षित उपाय
अभियान के दौरान साइबर सेल की अधिकारी अनुराधा ने नागरिकों को ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष तौर पर निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक कार्ड की वैधता तिथि यानी एक्सपायरी डेट और वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी नंबर किसी अन्य व्यक्ति के साथ बिल्कुल साझा न करें। सब इंस्पेक्टर राहुल यादव ने भी नागरिकों को आगाह करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी अज्ञात लिंक के माध्यम से किसी भी ट्रेडिंग एप्लिकेशन में निवेश करने से पूरी तरह बचना चाहिए। उन्होंने समझाया कि इस प्रकार के अनजान लिंक पर क्लिक करने से लोग आसानी से साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा बीमा पॉलिसी के नाम पर आने वाले लोन या सब्सिडी से जुड़े किसी भी संदेहास्पद लिंक को अपने मोबाइल फोन में न खोलने की सख्त हिदायत दी गई। विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने के नाम पर सक्रिय फर्जी जॉब ऑफर और फर्जी प्रस्तावों से भी पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी गई ताकि कोई भी नागरिक धोखेबाजों के चंगुल में न फंसे।
किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत सहायता के लिए सरकारी हेल्पलाइन नंबर का करें उपयोग
यदि कोई नागरिक किसी कारणवश डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है या उसे किसी संदिग्ध गतिविधि का आभास होता है, तो उसे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक आधिकारिक और विशेष हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकता है। इस नंबर के माध्यम से समय रहते उचित कार्रवाई की जाती है जिससे ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन का यह प्रयास ग्रामीण अंचलों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित बैंकिंग अपनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के लगातार आयोजन से समाज में साइबर अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और आम लोग डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।