संदिग्ध दस्तावेजों की बरामदगी और पुलिस कार्रवाई
कानून व्यवस्था बनाए रखने और डिजिटल अपराधों पर लगाम कसने के क्रम में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए जाबिर खान नामक व्यक्ति को दबोच लिया है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार आरोपी जाबिर खान के पास से कुछ कागजात बरामद किए गए थे जिन पर दो बैंक खाता नंबर लिखे हुए थे। इन दोनों खाता नंबरों की सत्यता की जांच करने के लिए समन्वय पोर्टल का उपयोग किया गया। समन्वय पोर्टल पर जब इन खातों की गहन पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि इनमें से एक बैंक खाते के संबंध में तमिलनाडु राज्य में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा दूसरे बैंक खाते के मामले में देश की राजधानी दिल्ली में भी गंभीर शिकायत दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इन तमाम जानकारियों के मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आगे की कानूनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया ताकि इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।
पूछताछ में एजेंट के काले कारनामों का खुलासा
पुलिस हिरासत में आने के बाद आरोपी जाबिर खान से लंबी पूछताछ की गई जिसमें उसने अपने आपराधिक कृत्यों से पर्दा उठाया। पूछताछ के दौरान जाबिर ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसका मुख्य काम साइबर ठगों को उनकी जरूरत का सामान उपलब्ध कराना था। वह विभिन्न बैंकों के खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड का अवैध रूप से इंतजाम करता था और उन्हें दिल्ली के सक्रिय साइबर ठगों तक पहुंचाता था। ठगी के इस काले कारोबार में मदद करने के बदले में उसे विधिवत रूप से कमीशन मिलता था जो उसकी कमाई का जरिया था। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके वित्तीय पहलुओं की तह तक जाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में पुलिस टीम बैंकिंग संस्थानों से जुड़े डिजिटल अभिलेख और अन्य कागजात जुटाने में जुटी हुई है ताकि अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
आरोपी का पिछला आपराधिक इतिहास और जेल यात्रा
पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी जाबिर खान को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत में सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए जिसके तहत उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस की पूछताछ के दौरान जाबिर ने एक और अहम जानकारी साझा की जिससे उसके पुराने आपराधिक इतिहास का पता चला है। उसने स्वीकार किया कि वह पहले भी विभिन्न मामलों में जेल की हवा खा चुका है और पूर्व में भी अन्य आपराधिक गतिविधियों के चलते उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह के मामलों से यह साफ हो जाता है कि आरोपी आदतन अपराधी है और लंबे समय से ऐसे गैरकानूनी कामों में संलिप्त रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितने लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को बेचे हैं। इस कार्रवाई से साइबर ठगी के नेटवर्क को करारा झटका लगा है और पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि आम जनता को ठगी से बचाया जा सके।