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साइबर ठगी का पर्दाफाश: पंजाब से दबोचा गया 55 लाख की धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पंजाब से बड़ी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने 55 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को धर दबोचा है। आरोपी फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज और खुद को सेबी सलाहकार बताकर लोगों को ठगता था।

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Ankit Yadav
30 सित 2026, 11:22
साइबर ठगी का पर्दाफाश: पंजाब से दबोचा गया 55 लाख की धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी

पंजाब से दबोचा गया आरोपी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए एक बड़े साइबर अपराध के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज मामले में संलिप्त एक मुख्य आरोपी को पंजाब राज्य से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम ने अंजाम दिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। पुलिस की तकनीकी शाखा और सर्विलांस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद पंजाब में दबिश देकर इसे सफलतापूर्वक दबोच लिया गया। शुरुआती पूछताछ के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है। यहाँ उससे इस पूरे साइबर नेटवर्क और उसके अन्य साथियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है क्योंकि इस गिरोह के तार दूर-दूर तक फैले होने की आशंका जताई जा रही है। इस प्रकार की धरपकड़ से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है जो आम नागरिकों को अपनी ठगी का आसान शिकार बनाते हैं और रातोंरात अमीर बनने के सपने दिखाते हैं।

फर्जी ट्रेडिंग और सेबी का खेल

दिसंबर और अन्य महीनों में सक्रिय रहे इस शातिर अपराधी ने बहुत ही शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाया था। आरोपी ने लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज चलाई थीं। इसके अलावा वह खुद को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी का अधिकृत सलाहकार बताता था। इस झूठी पहचान का फायदा उठाकर उसने कई भोले-भाले निवेशकों का विश्वास जीता। उसने निवेश के नाम पर कुल पचपन लाख रुपये की भारी-भरकम रकम हड़प ली थी। जब पीड़ितों को एहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल पदचिन्हों की तकनीकी जांच के आधार पर इस फर्जीवाड़े की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं। आरोपी लोगों को लुभावने संदेश और फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर शेयर बाजार में निवेश करने के लिए उकसाता था। जब पीड़ित लोग अपना पैसा निकालने का प्रयास करते थे तो वह या तो संपर्क तोड़ देता था या फिर और अधिक पैसों की मांग करता था। इस तरह उसने कई लोगों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई को हड़प लिया और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करके कानून की आंखों में धूल झोंकने का असफल प्रयास किया।

साइबर अपराध की बढ़ती पृष्ठभूमि

आज के डिजिटल युग में इस प्रकार के वित्तीय घोटाले देश भर में एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर अपराधी भोले-भाले नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। इस पृष्ठभूमि में देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई आम जनता के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। विशेषज्ञ हमेशा यह सलाह देते हैं कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या फर्जी संस्थान को अपने पैसे ऑनलाइन निवेश के लिए न दें। निवेश करने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट और उसके वैध पंजीकरण की पूरी जांच जरूर करनी चाहिए। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड कभी भी व्यक्तिगत रूप से किसी को निवेश के लिए कॉल या मैसेज नहीं करता है। इस तरह की जागरूकता ही आम नागरिकों को इस प्रकार के जालसाजों से सुरक्षित रख सकती है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस धोखाधड़ी में और कितने लोग शामिल थे। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस आगे के खुलासे करने की योजना बना रही है ताकि ठगी गई पूरी रकम का कुछ हिस्सा बरामद किया जा सके।

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