नया खरना गांव में पुलिस की छापेमारी
देवघर जिले की पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सारठ थाना पुलिस को एक विशेष सूचना प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर क्षेत्र के नया खरना गांव को घेर लिया गया। गुरुवार की देर रात सारठ थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने गांव में दबिश दी और चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेने में सफलता प्राप्त की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान स्थानीय नया खरना निवासी निरंजन दास, बीरबल दास और शशि महरा के रूप में हुई है। इनके साथ ही पथरड्डा ओपी क्षेत्र के टंगीडीह गांव का रहने वाला श्रीकांत महरा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। श्रीकांत महरा घटना के समय अपने ससुराल नया खरना आया हुआ था। पुलिस ने इस दौरान मौके से कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग साइबर गतिविधियों में किया जा रहा था। यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए जारी निर्देशों के तहत की गई है।
आरोपियों से मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य बरामद
पुलिस हिरासत में लिए गए चारों युवकों से गहन पूछताछ और जांच की प्रक्रिया जारी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से संचार के कई उपकरण यानी मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन फोनों का इस्तेमाल संदिग्ध डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों में होने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से ही इन सभी उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है ताकि डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। पकड़े गए युवकों को फौरन सारठ थाने लाया गया और वहां उनसे प्रारंभिक पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ी जांच की जा रही है ताकि साइबर अपराधियों के अन्य संभावित नेटवर्क और उनके साथियों का पता लगाया जा सके। जब्त किए गए मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच भी की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये युवक किस प्रकार की धोखाधड़ी में लिप्त थे। हिरासत में लिए गए चारों व्यक्तियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए देवघर भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी गतिविधियों की छानबीन करेंगे।
कानूनी प्रक्रिया और भविष्य की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक हिरासत में लिए गए इन चारों व्यक्तियों को अब देवघर भेजा गया है। यहां इन सभी संदिग्धों की विस्तृत जांच-पड़ताल की जाएगी ताकि साइबर अपराध से जुड़ी उनकी भूमिका का पूरी तरह खुलासा हो सके। सभी कानूनी औपचारिकताओं और छानबीन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इन लोगों को विधिवत रूप से न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस विभाग साइबर गतिविधियों के प्रति बेहद सतर्क है और आने वाले समय में भी इस प्रकार के अभियानों को जारी रखने की योजना बना रहा है ताकि क्षेत्र में इस तरह के अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके। इलाके में हुई इस बड़ी छापेमारी से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोप पत्र दाखिल करने का निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट निर्देश है कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़े कदम उठाए जाएंगे।