नगर निगम वाहन की टक्कर से राजमिस्त्री की मौत राजधानी लखनऊ के स्थानीय क्षेत्र में उस समय अफरातफरी मच गई जब तेज गति से आ रहे नगर निगम के एक बड़े डंपर वाहन ने सड़क किनारे काम कर रहे या गुजर रहे एक राजमिस्त्री को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वहां उसकी तत्काल मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति का जायजा लेते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया। इस भयंकर दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा जिसकी तलाश में पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वाहन को जब्त कर लिया गया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ाई जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल इस प्रकार की दुर्घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब भारी कमर्शियल वाहन और नगर निकायों के कूड़ा ढोने वाले या निर्माण कार्य से जुड़े डंपर अत्यधिक भीड़भाड़ वाले शहरी मार्गों पर नियमों की अनदेखी करते हुए तीव्र गति से संचालित होते हैं। शहर के भीतर अनियंत्रित ड्राइविंग और सुरक्षा मानकों के पालन में घोर लापरवाही के कारण आए दिन राहगीरों और मेहनतकश मजदूरों की जान जोखिम में पड़ जाती है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय निवासियों और साथी कामगारों में भारी आक्रोश व्याप्त है क्योंकि अनियंत्रित डंपरों का संचालन आम जनता के लिए लगातार एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और भारी वाहनों के प्रवेश के लिए निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है ताकि भविष्य में इस तरह की अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके और गरीब मजदूरों की जान बचाई जा सके।
शव को भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए और जांच जारी घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने मृत राजमिस्त्री के परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति की सूचना दी जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से पता चल सके और कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। नगर निगम प्रशासन की ओर से भी इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले की आंतरिक स्तर पर समीक्षा किए जाने की संभावना है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन किस परिस्थिति में और किसके आदेश पर उस मार्ग से गुजर रहा था। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और फरार चालक को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है जिससे पुलिस प्रशासन पर भी जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।