क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मिली गुप्त सूचना
वाराणसी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। उपनिरीक्षक मनोज कुमार चौहान अपनी टीम के अन्य पुलिसकर्मियों के साथ इसी कार्य में जुटे हुए थे ताकि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जा सके। तभी उन्हें एक मुखबिर के माध्यम से बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। इस गुप्त सूचना में बताया गया कि सरायनंदन कॉलोनी के एक मकान के अंदर भारी मात्रा में अवैध पटाखों का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस दल ने तुरंत सक्रियता दिखाई और किसी भी प्रकार की अनहोनी या देरी से बचने के लिए तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुला लिया। इसके बाद पूरी पुलिस टीम बताए गए सटीक पते पर पहुंच गई और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी। मकान के अंदर एक व्यक्ति मौजूद मिला जिसने पूछताछ के दौरान अपना पूरा परिचय दिया। उसने अपना नाम संजय गुप्ता बताया और यह भी स्पष्ट किया कि उसके पिता का नाम स्वर्गीय रामलाल गुप्ता है। उसने पुलिस को अपना पूरा स्थानीय निवास स्थान भी बताया जो कि मकान नंबर बी-34/6-3, सरायनंदन, खोजवा के रूप में दर्ज है। पुलिस ने जब उससे इन पटाखों के भंडारण से संबंधित वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र दिखाने को कहा, तो वह पूरी तरह असमर्थ साबित हुआ। वह अधिकारियों के सामने किसी भी प्रकार का कागजात या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे यह साफ हो गया कि यह पूरा कारोबार गैरकानूनी तरीके से चलाया जा रहा था।
विभिन्न ब्रांड के गत्तों से मिले पटाखे
बिना लाइसेंस के पटाखे मिलने के बाद पुलिस ने मकान के भीतर रखे गए सभी सामानों की बहुत बारीकी से जांच शुरू कर दी। जांच प्रक्रिया के दौरान मौके पर रखे हुए कई बड़े और छोटे गत्ते बरामद किए गए जिनकी अच्छी तरह से तलाशी ली गई। इन गत्तों के अंदर विभिन्न प्रसिद्ध ब्रांडों के पटाखे रखे हुए थे जो भारी मात्रा में वहां छिपाए गए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि गत्तों के भीतर मोरी छाप और मिनी बुलेट जैसे ब्रांडों के पटाखे मौजूद थे। इसके अलावा वहां रेड स्पारकल, ओरिजिनल वंडर, कलर स्पारकल और ग्राउंड स्पारकल जैसे अन्य कई लोकप्रिय ब्रांडों के पटाखे भी बड़ी संख्या में भरे हुए मिले। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी पटाखों का कुल वजन मापने के लिए तौल कराई और गत्तों सहित कुल वजन 65.300 किलोग्राम पाया। इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का इस तरह बिना किसी सुरक्षा मानक या आधिकारिक अनुमति के एक बंद कमरे में रखा जाना आसपास के रिहायशी इलाके के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता था। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने हर एक पहलू का बारीकी से मुआयना किया और् जब्तीकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सभी अवैध पटाखों को अपने कब्जे में ले लिया और मामले से जुड़े तमाम साक्ष्य एकत्र कर लिए ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया को मजबूत आधार मिल सके और आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बिना लाइसेंस स्टोर करने वालों की तलाश जारी
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। एसीपी गौरव कुमार ने इस मामले में मीडिया और जनता के सामने आधिकारिक बयान देते हुए पूरी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि इस तरह बिना किसी वैध लाइसेंस के अपने घरों या अन्य स्थानों पर भारी मात्रा में पटाखे स्टोर करने वाले अन्य लोगों की तलाश बहुत तेजी से की जा रही है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और संलिप्त लोगों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। एसीपी ने यह भी कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके तुरंत जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक लापरवाही को दोबारा करने की कोई हिम्मत न जुटा सके। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे। स्थानीय निवासियों के बीच भी इस कार्रवाई के बाद से सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है और प्रशासन की इस मुस्तैदी से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।