रंगदारी के लिए रची गई खौफनाक साजिश
सीवान जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र में एक ठेकेदार को रास्ते से हटाने की साजिश सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में असगर मियां उर्फ मस्तान को उसके आवास से हिरासत में लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने जिगरहंवा निवासी ठेकेदार मुकेश पांडेय से जबरन वसूली की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रंगदारी देने से इनकार किया, तो असगर ने उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा। इस काम को अंजाम देने के लिए उसने दो भाड़े के अपराधियों को काम पर रखा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह घटना मंगलवार को अंजाम दी जानी थी। सुरक्षा बलों ने समय रहते सतर्कता दिखाई और सोमवार को छापेमारी करके आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अब पुलिस उस साजिश के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि ठेकेदार की जान सुरक्षित रहे और अपराधियों का पूरा नेटवर्क सामने आ सके।
पुलिस जांच और अपराधियों की तलाश
महाराजगंज थाना प्रभारी विजय कुमार चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति पूर्व में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का प्रदेश महासचिव रह चुका है। असगर मियां उर्फ मस्तान के घर पर दिनभर झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का काम चलता रहता है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने रंगदारी के दबाव में ही हत्या की सुपारी दी थी। इस मामले में पुलिस उन दो बदमाशों की सरगर्मी से तलाश कर रही है जिन्हें सुपारी दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार आरोपी का पिछला रिकॉर्ड भी दागदार रहा है और उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस जघन्य साजिश में और कौन-कौन से चेहरे शामिल थे। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें अन्य संलिप्त लोगों की धरपकड़ के लिए निरंतर छापेमारी कर रही हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है और लोग इस बात से हैरान हैं कि एक राजनीतिक पहचान रखने वाला व्यक्ति अपराध की दुनिया में कैसे सक्रिय था।
राजनीतिक कनेक्शन और मामले का प्रभाव
इस गिरफ्तारी ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा छेड़ दी है। चूंकि आरोपी एक प्रमुख दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश महासचिव पद पर रह चुका है, इसलिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस कोण से भी बारीकी से तहकीकात कर रही हैं। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है। इलाके में आरोपी के प्रभाव और उसके घर पर जुटने वाली भीड़ के कारण स्थानीय लोग भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। ठेकेदार मुकेश पांडेय से मांगी गई रंगदारी और फिर जान लेने की कोशिश ने व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। जेल भेजे गए आरोपी से आगे की पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।