जम्मू-कश्मीर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों और पवित्र अमरनाथ गुफा के आस-पास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, अचानक आए जलभराव और पहाड़ी दरकने की घटनाओं के कारण अमरनाथ यात्रा 2026 को एहतियातन पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) और स्थानीय नागरिक प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कठिन फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार, चंदनवाड़ी (पहलगाम) और बालटाल दोनों पारंपरिक मार्गों पर कई जगहों पर भूस्खलन और पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण यात्रा का पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं की जान को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए भगवती नगर (जम्मू) आधार शिविर, काजीगुंड, पहलगाम और बालटाल बेस कैंपों में हजारों श्रद्धालुओं के जत्थों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। आपदा प्रबंधन टीमों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सेना की इंजीनियरिंग कोर को तुरंत क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत और मलबे को हटाने के काम में लगा दिया गया है। हालांकि, लगातार हो रही बूंदाबांदी और कोहरे के कारण मरम्मत कार्य में भारी बाधा आ रही है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान दक्षिण कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में और अधिक भारी बारिश का अनुमान है, जिससे स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए सहायता, भोजन और चिकित्सा व्यवस्था
विभागीय आयुक्त कश्मीर और स्थानीय जिलाधिकारियों ने बालटाल और पहलगाम के आधार शिविरों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (लंगरों) के सहयोग से रुके हुए श्रद्धालुओं के रहने, गर्म कपड़ों, भोजन और आवश्यक चिकित्सा सहायता के व्यापक इंतजाम किए हैं। आधार शिविरों में अतिरिक्त डॉक्टर और एम्बुलेंस तैनात कर दी गई हैं ताकि ठंड और नमी के कारण तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
श्राइन बोर्ड ने देश के विभिन्न हिस्सों से अमरनाथ यात्रा के लिए आ रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और मार्ग सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक अपनी यात्रा शुरू न करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले बुलेटिन पर नजर रखें। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग साफ होते ही और मौसम विभाग की हरी झंडी मिलते ही यात्रा को दोबारा से सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।