कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
धर्म

अटूट आस्था: 85 साल के बुजुर्ग चंदर ने 250 किमी पैदल चलकर उठाई कांवड़

सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो हर किसी को हैरान करने के साथ-साथ आस्था की नई मिसाल पेश कर रही है।

X
Kantap News डेस्क
12 अग 2026, 18:14
अटूट आस्था: 85 साल के बुजुर्ग चंदर ने 250 किमी पैदल चलकर उठाई कांवड़
सावन के इस पावन महीने में चारों तरफ शिव भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। युवा हों या बुजुर्ग, हर कोई अपनी अटूट श्रद्धा के साथ इस कठिन यात्रा को पूरा करने में जुटा है। इसी कड़ी में एक ऐसी घटना चर्चा का विषय बनी हुई है जो उम्र को मात देती नजर आ रही है। बढ़ती उम्र की बाधाओं को दरकिनार करते हुए श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था का अनूठा परिचय दिया है और कठिन मार्गों से गुजरते हुए अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया है।

85 वर्ष की उम्र में जज्बा

इस यात्रा के दौरान अस्सी साल से अधिक उम्र के एक बुजुर्ग की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मिली जानकारी के अनुसार, 85 वर्षीय चंदर नाम के एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर लगभग 250 किलोमीटर की लंबी दूरी पैदल चलकर तय की है। इतनी अधिक उम्र होने के बावजूद उनके कदम जरा भी नहीं डगमगाए और उन्होंने पूरी आस्था के साथ कांवड़ उठाने का साहसिक काम किया। उनकी इस अद्भुत निष्ठा को देखकर रास्ते में चलने वाले अन्य भक्त भी अचंभित रह गए। स्थानीय लोग और उनके साथ चल रहे साथी यात्री उनकी इस दृढ़ता की सराहना कर रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि अगर मन में सच्चा विश्वास और भगवान के प्रति अटूट प्रेम हो, तो उम्र और शारीरिक सीमाएं कभी भी बाधा नहीं बनतीं। चंदर की यह यात्रा आने वाले दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और समर्पण का एक बड़ा उदाहरण बनी रहेगी।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज