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चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए कड़े मेडिकल चेकअप और क्यूआर-आधारित ई-पास अनिवार्य

उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक क्यूआर ई-पास और स्वास्थ्य जांच के सख्त नियम लागू किए हैं।

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Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:28
चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए कड़े मेडिकल चेकअप और क्यूआर-आधारित ई-पास अनिवार्य

उत्तराखंड में आयोजित हो रही चारधाम यात्रा को सुगम और हादसों से मुक्त बनाने के लिए राज्य प्रशासन और देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा करने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए अब बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड आधारित ई-पास अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था से यात्रा मार्गों पर क्षमता से अधिक भीड़ को जमा होने से रोका जा रहा है, जिससे पैदल मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण श्रद्धालुओं को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए ऋषिकेश और हरिद्वार में ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं और हृदय या सांस की बीमारी से पीड़ितों के लिए विशेष फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। यात्रा मार्ग में प्रत्येक 2 किलोमीटर पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट और ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त मोबाइल एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।

उत्तराखंड पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग (SDRF) ने बताया कि क्यूआर-कोड ट्रैकिंग की मदद से किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु की सटीक लोकेशन का पता लगाकर तुरंत राहत पहुंचाई जा सकती है। प्रशासन की इस सतर्कता और तकनीकी प्रबंधन से इस वर्ष यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को बहुत ही सुरक्षित और सुखद वातावरण मिल रहा है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है।

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