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धर्म और संस्कृति का मेल: काशी में गंगा आरती के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

पवित्र नगरी काशी में आज गंगा आरती के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।

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Kantap News डेस्क
08 अग 2026, 14:01
धर्म और संस्कृति का मेल: काशी में गंगा आरती के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर आज शाम गंगा आरती का नजारा अद्भुत था, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र गंगा नदी के तट पर दिव्य पूजा में भाग लिया। सावन का महीना होने के कारण, श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था और पूरे घाट को फूलों और दीपों से सजाया गया था। आरती के समय मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ड्रोन का उपयोग भी किया गया। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरों में कैद किया।

आस्था और पर्यटन का संगम

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। यह केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है। आरती के दौरान घाटों पर होने वाली रोशनी और संगीत का अनुभव भक्तों को एक अलग ही शांति प्रदान करता है। स्थानीय व्यवसायियों के लिए यह समय काफी लाभदायक होता है क्योंकि बड़ी संख्या में भक्त प्रसाद, फूल और स्मृति चिन्ह खरीदते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ, घाटों की सफाई और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें आम जनता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। काशी की यह आरती सदियों पुरानी परंपरा का पालन करती है और यह संदेश देती है कि कैसे आधुनिकता के दौर में भी भारत अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में और अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना है ताकि भारतीय परंपराओं का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर किया जा सके।

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