कलाकारों के चयन के लिए ऑडिशन प्रक्रिया
स्थानीय स्तर पर छिपी हुई प्रतिभाओं को सार्वजनिक मंच प्रदान करने के लिए नगर निगम ने विशेष कदम उठाया है। शहर के कलाकारों की कला, उनकी मंच पर प्रस्तुति देने की क्षमता और उनके प्रदर्शन को बारीकी से परखा जा रहा है। इस पूरी प्रतियोगिता और चयन प्रक्रिया के दौरान कलाकारों द्वारा दी जा रही प्रस्तुतियां निर्णायक मंडल के सामने हो रही हैं। प्राप्त कुल आवेदनों की संख्या 150 से अधिक पहुंच चुकी है, जिनमें से 95 कलाकारों के ऑडिशन पूरे हो चुके हैं। इन सभी की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करने के बाद अब तक कुल 62 कलाकारों का चयन किया जा चुका है। चयनित होने वाले ये सभी कलाकार आगामी दीपावली मेले के दौरान अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करेंगे। नगर निगम का मुख्य उद्देश्य यही है कि शहर के प्रतिभावान कलाकारों को एक बड़ा और उचित मंच मिल सके, जहां वे अपनी कला का खुलकर प्रदर्शन कर सकें और अपनी पहचान बना सकें। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कनिष्ठ लिपिक प्रदीप वैष्णव ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सभी व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग प्रदान किया ताकि कलाकारों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों और पार्षदों की विशेष चयन समिति
कलाकारों की इस चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी चार पार्षदों और तीन विशेष विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम को सौंपी गई है। प्रशासनिक स्तर पर बनाई गई इस सात सदस्यीय समिति में निधि गोदा, तारा सुहालका, वंदना प्रजापत और डिंपल कंवर नाम की चार महिला पार्षदों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कला और संस्कृति के क्षेत्र में गहरा अनुभव रखने वाले तीन विशेषज्ञ निर्णायकों को भी इस टीम का हिस्सा बनाया गया है, जिनमें मनमोहन भटनागर, अमित माली और डॉ। वीणा लोहार शामिल हैं। बुधवार के दिन आयोजित की गई ऑडिशन प्रक्रिया के दौरान इन सभी सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एक-एक कलाकार की प्रस्तुति को बहुत ध्यान से देखा। प्रस्तुतियां देखने के बाद उन्होंने हर प्रतिभागी का उचित मूल्यांकन किया और अपनी राय रखी। निर्णायकों का यह लंबा अनुभव इस चयन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनाता है। सभी निर्णायक अपनी अपनी विशेषज्ञता के आधार पर बेहतरीन कलाकारों को चुन रहे हैं ताकि मेले में आने वाले दर्शकों को उच्च स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिल सकें और किसी भी योग्य कलाकार के साथ चयन में कोई चूक न हो।
अनुभवी निर्णायकों का योगदान और पृष्ठभूमि
स्थानीय प्रतिभाओं को चुनने का यह कार्य कोई नया नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का लंबा अनुभव और ठोस पृष्ठभूमि जुड़ी हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल निर्णायकों का अनुभव चयन के स्तर को ऊंचा उठाने में बहुत मददगार साबित हो रहा है। समिति के प्रमुख विशेषज्ञ मनमोहन भटनागर पिछले पूरे 12 वर्षों से लगातार नगर निगम के लिए स्थानीय प्रतिभाओं के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते आ रहे हैं। उनके साथ ही अमित माली करीब 5 वर्षों से इस सांस्कृतिक प्रक्रिया में अपना निरंतर सहयोग दे रहे हैं। इसके अलावा डॉ। वीणा लोहार भी पिछले 7 वर्षों से इस चयन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपना बहुमूल्य योगदान दे रही हैं। इन सभी अनुभवी लोगों की देखरेख में प्रतिभाओं का चयन होने से शहर के कलाकारों का मनोबल भी काफी ऊंचा रहता है। महापौर पारस सिंघवी के विशेष निर्देशों के आधार पर नगर निगम ने इन तमाम तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मेले के दौरान आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम भव्य और सफल हो सके।