उत्तर प्रदेश के क्रांतिधर्मा नगर मेरठ में आज सावन मास के अंतिम सोमवार के पावन पर्व पर शिव भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के अति प्राचीन और ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर में अलसुबह तीन बजे से ही कपाट खुलने के बाद से भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। दूर-दराज के जिलों से आए कांवड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरी भीड़ पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम औघड़नाथ मंदिर और उसके आसपास के मार्गों पर आज वाहनों के प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। मंदिर परिसर के भीतर पुष्पवर्षा के साथ भक्तों का स्वागत किया जा रहा है और पेयजल तथा स्वास्थ्य शिविरों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मेरठ जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मंदिर परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन संपन्न कराने के निर्देश दिए। मान्यता है कि औघड़नाथ मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, यही वजह है कि आज मेरठ के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
धार्मिक उल्लास के साथ शहर का माहौल हुआ पूरी तरह शिवमय सावन के इस अंतिम सोमवार के चलते पूरे मेरठ शहर में धार्मिक और उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों जैसे सूरजकुंड मंदिर और मनकामेश्वर मंदिर में भी सुबह से ही 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंज रहे हैं। स्थानीय व्यापार मंडलों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह भंडारे और शरबत वितरण के स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ सेवादार पूरी निष्ठा से श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि देर शाम तक लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर चुके होंगे और यह पावन पर्व पूरी शांति और उत्साह के साथ संपन्न होगा।