नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया
Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में निभाई दोस्ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे दिल्ली
Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...
सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा
कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?
₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...
अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया
CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
बड़ा बदलाव: सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए हरियाणा सरकार ने पहले चरण में 130 करोड़ रुपये किए जारी
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत पहले चरण में 130 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है।
A
Ankit Yadav
23 अग 2026, 12:00
हरियाणा में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन ने वित्तीय मोर्चे पर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए पहले चरण के तहत 130 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी है। इस राशि का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाना और बच्चों के लिए आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
स्कूलों का कायाकल्प और आधुनिक सुविधाएं
राज्य के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं की कमी और इमारतों के रख-रखाव की समस्याएं सामने आती रही हैं। इस नई फंडिंग के जरिए स्कूलों की छतों, चारदीवारी, कक्षाओं, पेयजल व्यवस्था और शौचालयों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, छात्रों की पठन-पाठन प्रक्रिया को और अधिक रोचक व प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लर्निंग टूल्स और आधुनिक प्रयोगशालाओं के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का यह प्रयास है कि साधारण परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों के समकक्ष शिक्षा और सुविधाएं प्राप्त कर सकें, जिससे उनकी प्रतिभा को सही मंच मिल सके।
शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी परियोजना की निगरानी पारदर्शिता के साथ की जाएगी ताकि एक-एक रुपये का सदुपयोग सही जगह पर हो सके। पहले चरण के अंतर्गत चिन्हित किए गए स्कूलों में निर्माण कार्य और ढांचागत विकास जल्द ही धरातल पर दिखाई देगा। स्थानीय स्तर पर एसएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार चाहती है कि हर चरण का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा हो, ताकि आने वाले सत्रों में छात्रों को इनका सीधा लाभ मिल सके और स्कूलों में नामांकन दर में भी वृद्धि दर्ज की जा सके।
भविष्य की योजनाएं और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
इस वित्तीय आवंटन के बाद से अभिभावकों और शिक्षकों में एक नई उम्मीद जगी है। शिक्षाविदों का मानना है कि यदि इस बजट का सही क्रियान्वयन होता है, तो यह हरियाणा की स्कूली शिक्षा प्रणाली के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले समय में जैसे-जैसे यह पहला चरण पूरा होगा, सरकार दूसरे और तीसरे चरण के तहत बाकी बचे स्कूलों को भी इस योजना के दायरे में लाने की योजना बना रही है। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिक्षकों को भी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण मिले, ताकि वे नए संसाधनों का भरपूर उपयोग कर सकें। कुल मिलाकर, यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करता है।