कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

बढ़ता खर्च: कनाडा में स्टडी परमिट के लिए अब चाहिए ₹22.76 लाख, भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें

कनाडा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आर्थिक आवश्यकताओं के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब स्टडी परमिट प्राप्त करने के लिए जरूरी फंड की सीमा को बढ़ाकर 22.76 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे वहां पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय विद्यार्थियों पर वित्तीय बोझ और बढ़ गया है।

A
Ankit Yadav
01 सित 2026, 16:33
बढ़ता खर्च: कनाडा में स्टडी परमिट के लिए अब चाहिए ₹22.76 लाख, भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें
कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना अब और अधिक खर्चीला हो गया है। हाल ही में कनाडाई प्रशासन ने देश में अध्ययन करने के इच्छुक विदेशी विद्यार्थियों के वास्ते वित्तीय नियमों को और अधिक सख्त बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत, स्टडी परमिट के आवेदन के लिए आवेदक के पास कम से कम 22.76 लाख रुपये का फंड होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण फेरबदल का सीधा असर उन मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए उत्तरी अमेरिकी देश भेजने की योजना बना रहे हैं।

छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंताएं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करने के लिए कनाडा लंबे समय से भारतीय युवाओं की पहली पसंद रहा है। हर साल लाखों छात्र इस देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। हालांकि, हाल के महीनों में वहां की सरकार ने आप्रवासन और विदेशी छात्रों के दाखिले को लेकर कई कठोर कदम उठाए हैं। फंड की सीमा में की गई इस भारी बढ़ोतरी के बाद से छात्र और उनके अभिभावक खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के नियमों के चलते कई योग्य छात्र अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कनाडा के बजाय अन्य विकल्पों की तलाश करने पर मजबूर हो सकते हैं। वित्तीय मोर्चे पर आने वाली इन बाधाओं के बावजूद शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपनी पूरी वित्तीय योजना को बहुत सावधानी से तैयार करना चाहिए। केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि वहां रहने और खाने-पीने के खर्चों यानी लिविंग एक्सपेंसेस के लिए भी अधिकारियों द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसके अलावा, छात्रों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक वेबसाइटों के जरिए समय-समय पर अद्यतन नियमों की पूरी जानकारी लेते रहें ताकि आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या कागजी अड़चन का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में इस नए नियम का असर कनाडा के शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के कुल आंकड़ों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे सकता है। कई छात्र संगठनों और शिक्षाविदों ने इस वित्तीय बोझ की आलोचना की है, क्योंकि इससे सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा करना लगभग नामुमकिन सा होता जा रहा है। कनाडाई सरकार अपनी अर्थव्यवस्था और आवास बाजार पर पड़ रहे दबाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार ऐसे कड़े फैसले ले रही है, जिसका असर सीधे तौर पर भारतीय छात्रों के करियर और योजनाओं पर पड़ रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज