कंटाप
NEWS
सोमवार, 31 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में मलबे से शवों को इस तरह खोज रहे हैं बचाव दल के सदस्य      PM मोदी को उज्बेकिस्तान से मिला सम्मान तो बोले असदुद्दीन ओवैसी- 'बाबर के देश से अवार्ड, BJP वालों को मुबारकबाद'      दिल्ली फिर शर्मसार! स्लीपर बस में 16 साल की लड़की से गैंगरेप, 47km तक दरिंदगी      मोदी के नेतृत्व में अमेरिका के 'चोले' से चुपचाप निकल गया भारत, न्यूयॉर्क टाइम्स ने की तारीफ तो देश में चर्चा      अमेरिका ने ईरान पर एक महीने बाद फिर हमला किया: होर्मुज के पास रॉकेट लॉन्चर्स पर निशाना; ईरान ने जवाब में जॉ...      विजय थलपति को सीधी वॉर्निंग, राहुल को PM फेस नहीं माना तो छोड़ेंगे साथ      आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत बोले, मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की सोच वाले हिन्दू नहीं      शुद्धीकरण विवाद: राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफ़आईआर, जानिए क्या है मामला?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा ब्रेकिंग

बड़ी कार्रवाई: बिहार के 40 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द, छात्रों का भविष्य अधर में

बिहार में नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है, जहां इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने मानकों की अनदेखी करने वाले राज्य के 40 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पूरी तरह से समाप्त कर दी है।

A
Ankit Yadav
31 अग 2026, 13:56
बड़ी कार्रवाई: बिहार के 40 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द, छात्रों का भविष्य अधर में
बिहार के शैक्षणिक और चिकित्सा प्रशिक्षण क्षेत्र में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। स्वास्थ्य और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए केंद्रीय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत राज्यभर के चालीस प्रमुख नर्सिंग संस्थानों पर गाज गिरी है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा की गई इस कठोर कार्रवाई के बाद से पूरे राज्य के शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि ये संस्थान निर्धारित मानकों और बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए थे, जिसकी वजह से यह कड़ा निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था।

मानकों की अनदेखी और खामियां

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन संस्थानों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं, योग्य फैकल्टी, और क्लीनिकल ट्रेनिंग के पुख्ता इंतजामों की भारी कमी पाई जा रही थी। निरीक्षण के दौरान कई बार इन कमियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक सुधार नहीं किया गया। नर्सिंग जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा के साथ सीधा खिलवाड़ मानी जाती है। काउंसिल द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों और औचक निरीक्षणों की रिपोर्ट के आधार पर अंततः इन सभी चालीस कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से इन संस्थानों में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अनिश्चितता के गहरे बादल में घिर गया है। छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि उनके वर्षों की मेहनत और जमा की गई फीस का क्या होगा। कई छात्र संगठनों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और संबंधित बोर्ड से हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि प्रभावित छात्रों का समायोजन किसी अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में किया जा सके। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के सख्त कदमों से भविष्य में नर्सिंग संस्थानों को अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे अंततः शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। आगामी दिनों में राज्य के स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा बोर्ड की ओर से इन कॉलेजों के खिलाफ और भी सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना है। जिन छात्रों का सत्र बीच में अधर में लटका है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढने पर प्रशासनिक स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि विद्यार्थियों को किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और काउंसिल की आधिकारिक सूची की भली-भांति जांच अवश्य करनी चाहिए ताकि इस तरह की अप्रिय स्थितियों से बचा जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज