'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर
'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?
अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा
स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...
गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत
यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
भारत को जानो’ परीक्षा में दिखा छात्रों का जबरदस्त उत्साह, करीब एक हजार विद्यार्थियों ने देश की संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़े सवालों में आजमाया ज्ञान
देशभर में विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और सामान्य ज्ञान को परखने के लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में हाल ही में एक बड़ी प्रतियोगिता संपन्न हुई, जिसमें एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
A
Ankit Yadav
01 सित 2026, 17:17
विद्यार्थियों के बीच देश की संस्कृति, इतिहास और समसामयिक विषयों की जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं का विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में हाल ही में संपन्न हुई 'भारत को जानo' परीक्षा ने एक नया मुकाम हासिल किया है, जिसमें लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपने देश की समृद्ध विरासत, संस्कृति, महान इतिहास और भौगोलिक विविधताओं से गहराई से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभा सकें।
छात्रों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
परीक्षा के दौरान केंद्रों पर विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें नजर आने लगीं। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों और युवाओं ने महीनों पहले से अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि इस तरह के ज्ञानवर्धक आयोजनों से न केवल बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, बल्कि उनके भीतर छिपी हुई प्रतिभा को बाहर आने का एक बेहतरीन मंच भी प्राप्त होता है। परीक्षा के प्रश्न पत्र को इस प्रकार डिजाइन किया गया था कि वह छात्रों की तार्किक सोच और सामान्य ज्ञान के स्तर की सटीक परीक्षा ले सके।
शैक्षणिक संस्थानों और आयोजकों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में जब युवा पीढ़ी का झुकाव सोशल मीडिया और आधुनिक गैजेट्स की तरफ अधिक है, तब ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें किताबों और अपने देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़े रखना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की परीक्षाएं बच्चों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करती हैं और उन्हें भविष्य की किसी भी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करती हैं। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद अब सभी छात्र और उनके अभिभावक इसके परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा सके।
आने वाले समय में ऐसे और भी ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ा जा सके। शिक्षाविदों का कहना है कि यदि देश की युवा शक्ति को सही दिशा और सही मंच मिले, तो वे वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। 'भारत को जानो' जैसी परीक्षाएं केवल एक प्रतियोगिता मात्र नहीं हैं, बल्कि यह हमारे देश के भविष्य को अधिक मजबूत और जागरूक बनाने का एक सशक्त माध्यम हैं। आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी स्कूलों, शिक्षकों और विशेष तौर पर भाग लेने वाले विद्यार्थियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।