निशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधा
लखनऊ शहर से सामने आई एक महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल के अंतर्गत राज्य के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बड़ी सौगात दी जा रही है। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में बारहवीं कक्षा के विज्ञान समूह के विद्यार्थियों के वास्ते एक विशेष वर्षभर का शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस व्यवस्था के माध्यम से उन मेधावी किशोरों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की पूरी तैयारी कराई जाएगी जो अपने भविष्य को संवारना चाहते हैं। इस बड़े शैक्षिक अभियान को सफल बनाने के लिए दक्षणा फाउंडेशन का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। चयनित होने वाले सभी विद्यार्थियों को पुणे के पास स्थित दक्षणा वैली परिसर में पठन-पाठन की विशेष सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही इन सभी बच्चों को उसी परिसर में रहने और खाने की व्यवस्था का कोई भी शुल्क नहीं चुकाना होगा क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में उठाया गया यह कदम उन परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाला है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को महंगे कोचिंग संस्थानों में भेजने में असमर्थ रहते हैं। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने इस पूरी योजना के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है।
पात्रता और चयन परीक्षा के मानक
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान बारहवीं कक्षा के विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत सभी पात्र विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठाने के हकदार हैं। ऐसे सभी छात्र और छात्राएं जो मई 2027 तक अपनी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले हैं, वे निर्धारित पात्रता नियमों को पूरा करने पर संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा यानी जेईई की तैयारी के लिए दसवीं कक्षा में गणित और विज्ञान विषयों में एक निश्चित न्यूनतम प्राप्तांक होना अनिवार्य किया गया है। सामान्य वर्ग के लड़कों के लिए इन दोनों ही विषयों में कम से कम पचासी प्रतिशत अंक लाना जरूरी है, जबकि छात्राओं के लिए यह न्यूनतम सीमा अस्सी प्रतिशत निर्धारित की गई है। अन्य तमाम श्रेणियों तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के वास्ते अलग-अलग मापदंड तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मेडिकल क्षेत्र यानी नीट की राह चुनने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी दसवीं कक्षा के अंकों को ही पात्रता का आधार बनाया गया है। इस योजना का लाभ उठाने के वास्ते पारिवारिक आय की सीमा भी निश्चित की गई है। छात्रों के परिवारों की कुल वार्षिक आमदनी तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। दूसरी ओर, छात्राओं के परिवारों की सालाना आय की अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये तय की गई है। इन सभी शर्तों के साथ आवेदकों को फाउंडेशन की चयन परीक्षा को भी उत्तीर्ण करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया और भविष्य की दिशा
समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्राचार्यों से कहा गया है कि वे योग्य विद्यार्थियों को इस योजना की पूरी जानकारी दें तथा उन्हें आगे आकर आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। जो भी छात्र इन सभी मानकों पर खरे उतरते हैं, वे दक्षणा फाउंडेशन के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। यह अनूठी पहल उन सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी जो पैसों की कमी के कारण अपने मेडिकल या इंजीनियरिंग का सपना अधूरा छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। आर्थिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए अब हर होनहार छात्र को देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिल सकेगा। हालांकि, किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अधिकारियों ने यह सलाह दी है कि आवेदन करने से पूर्व विद्यार्थी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सभी दिशा-निर्देशों, चयन प्रक्रिया और अंतिम तिथि की भली-भांति जांच अवश्य कर लें। इस प्रकार प्रशासनिक स्तर पर की गई यह व्यवस्था राज्य के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है जिससे दूरदराज के इलाकों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने का एक सुनहरा मंच प्राप्त हो सकेगा।