कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
EC के अफसर पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: RTI से खुलासा- दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकाय...      Bihar MLC Election 2026 Live: जन सुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद पर FIR दर्ज, X पर पोस्ट कर शिक्षकों से वोट मांगना पड़ा भारी      गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      Tiger Shroff की चोटों का वीडियो पहली बार आया सामने, फायरिंग के बाद दिखे शरीर पर निशान      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

नीट विरोध प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के डेटा और निगरानी को लेकर सुरक्षा उपाय लागू करने का दिया आदेश

नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पहचान और डेटा सुरक्षा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने पुलिस द्वारा की जा रही निगरानी पर सीमाएं तय की हैं।

X
Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:15
नीट विरोध प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के डेटा और निगरानी को लेकर सुरक्षा उपाय लागू करने का दिया आदेश

सर्वोच्च अदालत में नीट-यूजी परीक्षा लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों द्वारा फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) के कथित इस्तेमाल को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के मौलिक अधिकारों और निजता की रक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों और छात्रों के व्यक्तिगत डेटा, चेहरे की पहचान प्रणाली के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने पुलिस और जांच एजेंसियों को छात्रों के डेटा संग्रह और उसके रखरखाव में सख्त गोपनीयता बरतने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि प्रतियोगी परीक्षा में न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस निगरानी तंत्र लागू करने से उनके भविष्य और करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार मौलिक है और केवल आपराधिक जांच के नाम पर व्यापक स्तर पर छात्रों की डेटा प्रोफाइलिंग नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा निगरानी के लिए पारदर्शी नीतियां बनाने का सुझाव दिया।

इस फैसले का देशभर के छात्र संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। न्यायशास्त्रियों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख प्रौद्योगिकी के दौर में नागरिकों के डिजिटल गोपनीयता अधिकारों को सुदृढ़ करेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने भी अदालत को आश्वस्त किया है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के साथ-साथ छात्रों के कल्याण और निष्पक्ष मूल्यांकन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज