नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग के दूसरे दौर से पहले उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सीटों के नए मैट्रिक्स को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस बार लखनऊ सहित पूरे राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस की कुल सीटों में लगभग 1,200 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे हजारों महत्वाकांक्षी छात्रों को दाखिला पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्वेद संस्थान जैसे प्रमुख संस्थानों में भी सीटें बढ़ाई गई हैं, जिससे कट-ऑफ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल और चॉइस फिलिंग चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय (DGME) द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, छात्र अब बढ़े हुए सीट मैट्रिक्स के आधार पर अपनी पसंद के कॉलेजों का चयन यानी चॉइस फिलिंग कर सकेंगे। लखनऊ के नोडल केंद्रों पर छात्रों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जो अपने दस्तावेजों के सत्यापन और सही कॉलेज चुनने के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले राउंड में पंजीकरण नहीं कराया था, वे भी अब निर्धारित तिथियों के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, ताकि किसी भी योग्य छात्र को इस सुनहरे अवसर से वंचित न रहना पड़े।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस वर्ष कई तकनीकी सुधार भी किए गए हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी भाग लेने वाले कॉलेजों को अपनी बुनियादी सुविधाओं और फैकल्टी का पूरा विवरण पोर्टल पर साझा करना अनिवार्य कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार काउंसलिंग का यह संशोधित चरण राज्य के मेडिकल शिक्षा ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के छात्रों के भविष्य को नई ऊंचाइयां देगा।