केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूरे देश में चर्चा का विषय बने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले में एक महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए अपनी पहली औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुल 13 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जो इस संगीन आपराधिक नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे हैं। जांच एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए हैं, जिससे आरोपियों पर कानून का कड़ा शिकंजा कस गया है।
सीबीआई द्वारा अदालत में सौंपी गई चार्जशीट में विस्तृत डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, लिखावट के विश्लेषण और 360 से अधिक गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है। जांच में यह पुष्टि हुई है कि परीक्षा आयोजित होने से ठीक पहले प्रश्नपत्रों को अवैध रूप से लीक किया गया और कोचिंग संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित किया गया। न्यायिक हिरासत में भेजे गए मुख्य आरोपियों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञ, बिचौलिए और प्रमुख कोचिंग सेंटरों के सहयोगी शामिल हैं। यह कानूनी कार्रवाई देश भर में छात्रों द्वारा किए गए व्यापक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचलों के बाद देखने को मिली है।
इस घोटाले के उजागर होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए संसद में नया लोक परीक्षा विधेयक भी पेश किया है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल के बाद कई बैंक खातों, लॉकरों और डीमैट खातों को फ्रीज कर दिया गया है। आने वाले दिनों में पूरक चार्जशीट के जरिए मामले से जुड़े अन्य वित्तीय ताने-बाने को भी बेनकाब किया जाएगा।