कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      कौन थे अंकित बालियान जिनकी शामली में जिम के बाहर हुई हत्या      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

साक्षरता की जंग: उल्लास योजना ने कैसे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की तस्वीर बदली

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां उल्लास (ULLAS) अभियान ने अनपढ़ों को शिक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हुए एक बड़ी जंग जीत ली है।

X
Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 16:36
साक्षरता की जंग: उल्लास योजना ने कैसे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की तस्वीर बदली
पहाड़ी राज्यों में बुनियादी शिक्षा और साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जाते रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड राज्य के भीतर उल्लास पहल ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसने सुदूर और दुर्गम इलाकों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई है। सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान की वजह से साक्षरता का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।

पहाड़ों पर शिक्षा की नई सुबह

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद, इस योजना ने स्थानीय निवासियों को साक्षर बनाने में अद्भुत सफलता हासिल की है। अभियान के माध्यम से न केवल नई पीढ़ी को बल्कि वयस्कों को भी पढ़ने-लिखने के प्रति जागरूक किया गया है, जिससे उत्तराखंड के सामाजिक विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया है। स्वयंसेवकों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पहाड़ों की यह साक्षरता जंग न केवल जीती गई है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बन गई है कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति से बदलाव लाया जा सकता है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज