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साक्षरता की जंग: उल्लास योजना ने कैसे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की तस्वीर बदली

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां उल्लास (ULLAS) अभियान ने अनपढ़ों को शिक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हुए एक बड़ी जंग जीत ली है।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 16:36
साक्षरता की जंग: उल्लास योजना ने कैसे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की तस्वीर बदली
पहाड़ी राज्यों में बुनियादी शिक्षा और साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जाते रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड राज्य के भीतर उल्लास पहल ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसने सुदूर और दुर्गम इलाकों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई है। सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान की वजह से साक्षरता का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।

पहाड़ों पर शिक्षा की नई सुबह

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद, इस योजना ने स्थानीय निवासियों को साक्षर बनाने में अद्भुत सफलता हासिल की है। अभियान के माध्यम से न केवल नई पीढ़ी को बल्कि वयस्कों को भी पढ़ने-लिखने के प्रति जागरूक किया गया है, जिससे उत्तराखंड के सामाजिक विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया है। स्वयंसेवकों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पहाड़ों की यह साक्षरता जंग न केवल जीती गई है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बन गई है कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति से बदलाव लाया जा सकता है।
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