कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'आजम थे, हैं और रहेंगे, फर्जी मुकदमे लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकते', जेल में मुलाकात के बाद बोले अखिलेश      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      तिब्बत में 7 की तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, 16 लोगों की मौत, 32 लोग घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      चुनाव आयोग अधिकारी पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: संधू-जोशी ने कैबिनेट सचिव से शिकायत की थी, कार्रवाई नह...      UP, बिहार और महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर आज वोटिंग, CM योगी के गढ़ में सपा से सीधी टक्कर     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

शिक्षा जगत में बड़ा सुधार: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर के विश्वविद्यालयों में लागू हुआ क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य कर दिया है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
शिक्षा जगत में बड़ा सुधार: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर के विश्वविद्यालयों में लागू हुआ क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम

देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने आज सभी केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के लिए 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) प्रणाली को सख्ती से लागू करने का नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब देश का कोई भी छात्र अपनी पंसद के अनुसार किसी एक संस्थान से पढ़ाई बीच में छोड़कर दूसरे संस्थान में अपनी शिक्षा को बिना किसी नुकसान के जारी रख पाएगा। प्रत्येक छात्र का एक डिजिटल अकादमिक बैंक खाता होगा, जिसमें उसके द्वारा अर्जित किए गए क्रेडिट सुरक्षित रूप से जमा रहेंगे। यह कदम विद्यार्थियों को बहु-विषयक अध्ययन (Multi-disciplinary study) की पूरी स्वतंत्रता प्रदान करेगा।

छात्रों को मिलेगी पढ़ाई बीच में छोड़ने और दोबारा शुरू करने की छूट इस प्रणाली के शुरू होने से 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट' (Multiple Entry and Exit) का विकल्प वास्तविक रूप से धरातल पर उतर आया है। यदि कोई छात्र एक वर्ष की पढ़ाई के बाद किसी कारणवश कोर्स छोड़ देता है, तो उसे सर्टिफिकेट मिलेगा; दो साल बाद छोड़ने पर डिप्लोमा और तीन-चार साल पूरे होने पर डिग्री प्रदान की जाएगी। यदि छात्र भविष्य में अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू करना चाहेगा, तो उसके पहले से अर्जित क्रेडिट स्वतः ही नए पाठ्यक्रम में जुड़ जाएंगे। शिक्षाविदों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे ड्रॉपआउट दरों में कमी आएगी और शिक्षा अधिक लचीली बनेगी।

डिजिटल बुनियादी ढांचे को किया गया मजबूत यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि सभी विश्वविद्यालयों को अपने परिसरों में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुकूल तकनीकी बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। इसके लिए देश के सभी बड़े विश्वविद्यालयों को विशेष अनुदान भी प्रदान किया गया है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस सुधार से भारतीय उच्च शिक्षा वैश्विक मानकों के अनुरूप बनेगी और हमारे छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आसानी से क्रेडिट ट्रांसफर का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनका कौशल विकास और अधिक प्रभावी होगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज