नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुरूप आज राष्ट्रीय डिजिटल यूनिवर्सिटी ने देश भर के छात्रों के लिए कई नए और रोजगारोन्मुखी हाइब्रिड डिग्री कार्यक्रमों की शुरुआत की घोषणा की है। इन पाठ्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्र ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने से पढ़ाई कर सकेंगे, साथ ही उन्हें देश के चुनिंदा शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में ऑफलाइन प्रैक्टिकल और प्रयोगशाला सत्रों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस अनूठी शिक्षण प्रणाली से उन छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा जो आर्थिक कारणों से पारंपरिक आवासीय परिसरों में रहकर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं।
उद्योग की मांग के अनुसार पाठ्यक्रम डिजाइन इन नए डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों को आधुनिक उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबल इंजीनियरिंग और डिजिटल फाइनेंस जैसे विषय शामिल हैं। पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय प्रमुख उद्योगपतियों और शिक्षाविदों से व्यापक परामर्श किया गया है ताकि छात्रों को डिग्री पूरी होते ही उत्कृष्ट करियर के अवसर मिल सकें। इसके अलावा, छात्रों को अपने पसंद के विषयों को चुनने की पूरी स्वतंत्रता होगी, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार अपनी पढ़ाई का मार्ग खुद तय कर सकेंगे।
सुलभता और वित्तीय सहायता शिक्षा को सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए इन डिजिटल पाठ्यक्रमों की फीस को बेहद किफायती रखा गया है और जरूरतमंद छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति का प्रावधान भी किया गया है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ब्लॉकचेन आधारित मूल्यांकन तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से उच्च शिक्षा में कुल नामांकन अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और भारत वैश्विक स्तर पर एक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर सकेगा।