कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

शिक्षा नीति में बदलाव: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से कोडिंग अनिवार्य

दिल्ली सरकार ने आज एक नई शिक्षा नीति की घोषणा की है, जिसके तहत कोडिंग को अनिवार्य बनाया गया है।

X
Kantap News डेस्क
08 अग 2026, 14:01
शिक्षा नीति में बदलाव: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से कोडिंग अनिवार्य

दिल्ली सरकार ने आज शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह नई नीति छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के छात्र तकनीक के मामले में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस कार्यक्रम के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना भी की जा रही है।

पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं नया पाठ्यक्रम न केवल कंप्यूटर कोडिंग पर केंद्रित है, बल्कि इसमें एथिक्स और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। छात्रों को पाइथन और जावास्क्रिप्ट जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का बुनियादी ज्ञान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रोबोटिक्स लैब भी हर जिले के कम से कम दस मॉडल स्कूलों में स्थापित की जाएंगी। शिक्षक जो इस पाठ्यक्रम को पढ़ाएंगे, उन्हें शीर्ष तकनीकी संस्थानों से विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे छात्रों की जिज्ञासा का सही समाधान कर सकें।

छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया इस नई नीति पर छात्रों में काफी उत्साह देखा गया है। कई अभिभावकों का कहना है कि यह निर्णय बच्चों को किताबी ज्ञान से ऊपर उठाकर व्यावहारिक कौशल प्रदान करेगा। हालाँकि, कुछ विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि छोटे बच्चों के लिए यह बोझिल हो सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसे खेल-खेल में सीखने की पद्धति से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र से इस पाठ्यक्रम के लिए डिजिटल किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज