Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में काम कर रहे शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने इस परीक्षा को लेकर कार्ययोजना जारी कर दी है। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को जल्द विज्ञापन जारी कर परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आयोग को परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है। विशेष टीईटी 150 अंकों की बहुविकल्पीय परीक्षा होगी।
खास बात यह है कि परीक्षा में गलत उत्तर देने पर किसी तरह की माइनस मार्किंग नहीं होगी। इससे शिक्षकों को परीक्षा में राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को दिए अपने आदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी कर दिया था। आदेश के अनुसार संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना होगा। इसके बाद ही उनकी सेवा जारी रखने की पात्रता बनी रहेगी।
हालांकि, ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से कम है, उन्हें फिलहाल बिना टीईटी पास किए सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई है। वहीं, पांच वर्ष या उससे अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना महत्वपूर्ण होगा। विशेष टीईटी के आयोजन से बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत उन शिक्षकों को परीक्षा पास करने का अवसर मिलेगा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत टीईटी की योग्यता हासिल करनी है। अब शिक्षकों की नजर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन पर है। विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और अन्य जरूरी जानकारी स्पष्ट हो जाएगी।