सर्जरी के बाद महिला की बिगड़ी स्थिति
कानपुर के एक चिकित्सा संस्थान में गॉलब्लैडर यानी पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने के बाद खुशबू नाम की एक महिला की शारीरिक स्थिति बेहद खराब हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद मरीजों के तीमारदारों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि ऑपरेशन के बाद महिला की सेहत सुधरने के बजाय लगातार गिरती चली गई और उसे अत्यधिक कष्ट का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने इस पूरी चिकित्सीय प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़े किए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस अचानक हुए भारी विरोध प्रदर्शन के कारण चिकित्सा संस्थान के अंदर का पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहां अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। महिला की बिगड़ती हालत को लेकर परिवार के सभी सदस्य बेहद चिंतित नजर आए और उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
परिजनों का आरोप और छह घंटे का हंगामा
परिजनों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि सर्जरी के बाद महिला के शरीर में संक्रमण यानी इन्फेक्शन फैल गया जो उसकी किडनी तक पहुंच गया। इस सनसनीखेज आरोप के सामने आने के बाद अस्पताल परिसर के अंदर छह घंटे तक लगातार हंगामा और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। इतनी लंबी अवधि तक चले इस भारी हंगामे के दौरान परिसर में तनाव का माहौल बना रहा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा। इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में भी हलचल मच गई और जिम्मेदार अधिकारी तुरंत मौके की तरफ रवाना हुए। स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को समझाने के लिए एसडीएम सदर और एडीएम सिटी खुद घटनास्थल पर पहुंचे। इन प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और विरोध प्रदर्शन कर रहे परिजनों तथा अन्य लोगों से बातचीत की। इसके साथ ही स्थानीय विधायक अमिताभ बाजपेयी भी तुरंत उस अस्पताल में पहुंच गए। विधायक ने वहां पहुंचकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और इस घटना से जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में पूरी रिपोर्ट समझी। अधिकारियों और जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में वहां काफी देर तक बातचीत और मामले को शांत कराने की कोशिशें चलती रहीं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
ग्वालटोली क्षेत्र की घटना और प्रशासनिक दखल
यह पूरी घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्वालटोली थाना क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल की है। इस स्थानीय चिकित्सा संस्थान में हुई इस घटना ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गॉलब्लैडर की सर्जरी के बाद मरीज की किडनी तक संक्रमण पहुंचने की बात सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस स्थान पर अचानक हुए छह घंटे के लंबे हंगामे के बाद पुलिस बल भी सतर्क हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक के मौके पर पहुंचने के बाद परिजनों को शांत कराने के प्रयास किए गए ताकि मामले को कानूनी और प्रशासनिक दायरे में हल किया जा सके। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से अस्पतालों में होने वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं और ऑपरेशन के बाद बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार अपनी मरीज के बेहतर इलाज तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिकारी पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और अस्पताल के अभिलेखों तथा डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है।