पुलिस कार्रवाई के दौरान मुठभेड़
गया जिले की सीमा के भीतर पुलिस बल ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हुआ जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को गोली लगने की पुष्टि हुई है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान श्याम बिहारी और गौरव कुमार के रूप में सामने आई है। पुलिस विभाग के अनुसार यह दोनों व्यक्ति अधिकारियों को चकमा देकर वहां से भागने की ताक में थे और इसी प्रयास के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलियां चला दीं। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोली चलाई जो सीधे दोनों संदिग्धों के पैरों जा लगी। इस प्रकार दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और पुलिस ने तुरंत उन्हें काबू में कर लिया। घटना के तुरंत बाद घायल अवस्था में दोनों को एंबुलेंस या अन्य पुलिस वाहनों के माध्यम से अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया है और पुलिस बल लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो सके। इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता एक बार फिर साफ तौर पर देखने को मिली है।
पूर्व की गोलीबारी की घटना
यह पूरा मामला कुछ दिन पहले महानवमी के पावन पर्व की रात का है जब मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुफस्सिल इलाके में एक वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया था। जानकारी के अनुसार सिद्धार्थपुरी कॉलोनी के पास स्थित नौरंगा आहार क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी। उस खतरनाक हमले का निशाना एक पुलिस अधिकारी के दो बेटे बने थे। पीड़ित परिवार के मुखिया सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह वर्तमान में मोतिहारी जिले में दरोगा के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उस रात हुई अंधाधुंध फायरिंग की चपेट में आने से दरोगा का छोटा बेटा रानू सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था जिसकी उम्र तीस वर्ष थी और बाद में उसकी मौत हो गई थी। वहीं उनका बड़ा बेटा मोनू सिंह भी इस हमले में बुरी तरह घायल हो गया था जिनकी उम्र बत्तीस वर्ष बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस ने वहां पड़े हुए गोली के कई खाली खोखे भी बरामद किए थे जिससे यह साबित होता है कि हमलावरों ने कितनी बेदर्दी से गोलियां बरसाई थीं। घायल बड़े बेटे मोनू सिंह को पहले उसी मगध मेडिकल अस्पताल ले जाया गया था और बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा उपचार के लिए पटना स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
जांच का दायरा और गिरफ्तारियां
दरोगा के बेटों पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद पूरे इलाके में भारी सनसनी फैल गई थी और हर कोई इस घटना की निंदा कर रहा था। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया था ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके। इस विशेष टीम ने लगातार कई जगहों पर छापेमारी की और सुराग जुटाने का प्रयास किया। इसी कड़ी में पुलिस ने पिछले महीने यानी इक्कीस अक्टूबर को इस मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। उस गिरफ्तार आरोपी से पुलिस लगातार गहन पूछताछ कर रही थी ताकि इस जघन्य गोलीबारी कांड में शामिल अन्य चेहरों और उनकी मुख्य भूमिका का पर्दाफाश किया जा सके। बाकी फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही थी और तलाशी अभियान चला रही थी। अब ताजा पुलिस कार्रवाई के तहत श्याम बिहारी और गौरव कुमार के पकड़े जाने से इस सनसनीखेज मामले की परतें और तेजी से खुलने की उम्मीद है। अस्पताल में भर्ती इन दोनों घायलों से स्वस्थ होने के बाद पुलिस द्वारा फिर से विस्तृत पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरे षड्यंत्र से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहराई से जांच पूरी की जा सके और अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।