दो हज़ार रुपये से अधिक की इस यूपीआई पेमेंट पर लगेगा चार्ज, जानिए आम लोगों पर क्या होगा असर
पाकिस्तान ने 'मोस्ट वॉन्टेड' मसूद अज़हर पर क्यों बढ़ाई इनामी रकम
हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दाह में जारी किए थे अलर्ट
Gurugram Hit And Run Case Live: गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान से प...
सऊदी ने 30 साल में पहली बार चलाई चीन से मिली DF-15A मिसाइल, हूतियों को बनाया निशाना, यमन के रेगिस्तान में गिरी
बिहार में UCC किसी कीमत पर लागू नहीं होगा, अमित शाह के ऐलान के बाद बोले जदयू MLA
नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, CM शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां को टिकट; रेजीनगर से किसे बना
'राहुल गांधी ने अपने नेताओं पर क्यों चुप्पी साधी', हरीश रावत के पीए के ठिकाने पर पड़ा छापा तो बांसुरी स्वराज ने उठाए सवाल
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
ब बड़ा खतरा: हिमाचल के चंबा में ईरानी कोबरा के काटने से दो लोगों की मौत, भारतीय एंटी वेनम बेअसर
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां देश में पहली बार ईरानी कोबरा प्रजाति के सांप के डसने से दो लोगों की जान चली गई है। इस घटना के बाद चिकित्सा जगत और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है, क्योंकि सामान्य तौर पर भारत में उपयोग होने वाला एंटी स्नेक वेनम इस प्रजाति के जहर पर बेअसर साबित हुआ है।
A
Ankit Yadav
15 सित 2026, 17:42
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने वन्यजीव विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों को गहरी चिंता में डाल दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहाँ दो लोगों की मौत एक अत्यंत विषैले सांप के काटने से हुई है, जिसे ईरानी कोबरा के रूप में पहचाना गया है। भारत में इस विदेशी या दुर्लभ प्रजाति के सांप द्वारा हमले और उससे मौत का यह अपने किस्म का पहला मामला बताया जा रहा है। इस त्रासदी ने न केवल स्थानीय निवासियों को दहला दिया है, बल्कि चिकित्सा शोधकर्ताओं के सामने भी एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस खतरनाक जीव का सामना कैसे किया जाए।
बेअसर साबित हुआ भारतीय एंटी वेनम
सामान्य परिस्थितियों में भारत के विभिन्न हिस्सों में जब किसी व्यक्ति को कोई विषैला सांप डसता है, तो सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध पॉलीवेलेंट एंटी स्नेक वेनम यानी एएसवी का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा देश के आम जहरीले सांपों जैसे कि कोबरा, करैत, वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर के जहर को बेअसर करने के लिए बनाई जाती है। हालांकि, चंबा की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में यह बात सामने आई कि पीड़ित मरीजों पर भारतीय एंटी वेनम का कोई असर नहीं हुआ, जिसके कारण समय पर उचित इलाज मिलने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि विदेशी या आक्रामक प्रजातियों के जहर की काट के लिए हमारे चिकित्सा तंत्र को अब और अधिक उन्नत अनुसंधान की आवश्यकता है।
वन्यजीव और स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता
इस अनोखी और भयावह घटना के बाद से ही हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों के आसपास सफाई को लेकर अत्यधिक सतर्क हो गए हैं और वन विभाग से यह पता लगाने की मांग कर रहे हैं कि आखिर इतनी खतरनाक विदेशी नस्ल का सांप इस इलाके तक कैसे और कब पहुँचा। क्या यह किसी अवैध वन्यजीव तस्करी का हिस्सा था या फिर जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय परिवहन के माध्यम से यह जीव यहाँ तक पहुँचा, इन तमाम बिंदुओं पर अधिकारी गहराई से जांच कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के विभिन्न राज्यों में विदेशी प्रजातियों के जीवों का मिलना पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध जीव या सांप के दिखने पर तुरंत वन विभाग या सर्प मित्रों को सूचित करें। सरकार और चिकित्सा संस्थानों को भी मिलकर अब ऐसे दुर्लभ और विदेशी जहरीले जीवों के एंटीडोट को विकसित करने की दिशा में त्वरित कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बहुमूल्य मानव जीवन को बचाया जा सके।