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बड़ा हादसा: अहमदाबाद में दो मंजिला मकान गिरने से महिला की मौत, तीन अन्य घायल
गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है, जहाँ अचानक एक दो मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। इस मलबे के नीचे कई लोग दब गए, जिनमें से एक महिला की दुखद मौत हो गई है जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
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Ankit Yadav
14 सित 2026, 12:57
गुजरात के सबसे बड़े महानगरों में शुमार अहमदाबाद से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आ रही है, जहाँ एक दो मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ढह गई। इस भयानक हादसे के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत मोर्चा संभाला ताकि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मकान अंदर से काफी कमजोर हो चुका था या फिर किसी अन्य संरचनात्मक कारणों से अचानक अपनी ही नींव पर भरभराकर बैठ गया।
मलबे से निकाले गए चार लोग, अस्पताल में इलाज जारी
जब यह इमारत गिरी, उस वक्त इसके अंदर कुल चार लोग मौजूद थे जो इस अचानक हुए हादसे की चपेट में आ गए। भवन के मलबे का ढेर इतना भारी था कि अंदर फंसे लोगों को खुद बाहर निकलना मुमकिन नहीं हो सका। स्थानीय निवासियों और बचाव दल ने मिलकर तुरंत राहत अभियान चलाया और मलबे के नीचे दबे चारों लोगों को बाहर निकाला। इनमें से एक महिला की स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसकी अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी के तीन घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिससे डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन और स्थानीय निकाय अब इस बात की जांच में जुट गए हैं कि आखिर यह मकान किन परिस्थितियों में गिरा। क्या इस इमारत को गिराए जाने से पहले किसी तरह के खतरनाक होने के नोटिस दिए गए थे, या फिर हालिया मानसूनी बारिश या अन्य कारणों से इसकी नींव कमजोर हो गई थी, इन तमाम पहलुओं पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। ऐसी पुरानी और जर्जर इमारतों का शहर में होना हमेशा से एक बड़ा खतरा रहा है, और इस प्रकार की दुर्घटनाएं अक्सर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों की तर्ज पर यहाँ भी प्रशासन द्वारा मानसून और बारिश के मौसम से पहले जर्जर मकानों को खाली कराने का अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग पुराने ढाँचों में रहने को मजबूर रहते हैं।
इस दुखद घटना के बाद आसपास के इलाके के लोगों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस जर्जर इमारत की सुध ली होती या इसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाती, तो शायद आज एक महिला की जान बच सकती थी। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनावश मौत और अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुँचकर आसपास की अन्य पुरानी इमारतों का सर्वे करने की योजना बना रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के किसी भी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके।