मारोठिया बाजार की दुकान में आधी रात को लगी आग
मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मारोठिया बाजार में एक बहुमंजिला किराना और पूजन सामग्री की दुकान के अंदर गुरुवार की देर रात अचानक भयंकर आग लग गई। दमकल विभाग को रात में लगभग 1 बजे राम गोपाल कन्हैयालाल नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में दुर्घटना होने की सूचना प्राप्त हुई थी। यह संपत्ति बंटी शर्मा के स्वामित्व वाली बताई जा रही है और घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आसपास के इलाके के निवासियों ने प्रतिष्ठान के ऊपरी हिस्सों से घना धुआं और तेज लपटें बाहर निकलते हुए अपनी आंखों से देखा। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों और दमकल विभाग के नियंत्रण कक्ष को दी। दमकल की कई गाड़ियां और सराफा थाना पुलिस बल तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तब तक आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि उसकी भयंकर लपटें सीधे दूसरी मंजिल तक पहुंच गई थीं। अंधेरी रात में हुई इस घटना से पूरे व्यापारिक परिसर में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया था और लोग अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे थे।
दमकलकर्मियों की कड़ी मेहनत से आग पर पाया गया काबू
घटनास्थल पर पहुंचकर दमकलकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग बुझाने का कठिन अभियान शुरू किया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बुझाने के काम में काफी अधिक मशक्कत करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि इस भीषण दुर्घटना के दौरान किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार आग लगने के शुरुआती संकेतों के पीछे शार्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए अभी पूरी जांच की प्रक्रिया जारी है। अग्निशामक दल के कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते लपटों को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। यदि आग पर समय पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह पास की अन्य इमारतों तक भी आसानी से पहुंच सकती थी। दमकल विभाग के त्वरित और साहसिक कदमों के कारण आसपास की अन्य व्यावसायिक इकाइयों को इस भयानक तबाही की चपेट में आने से सफलतापूर्वक बचा लिया गया। पुलिस और दमकल के वरिष्ठ अधिकारी पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे और राहत कार्य देर रात तक पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रखा गया।
त्योहारी सीजन के कारण दुकान में भरा था भारी सामान
आगामी त्योहारों के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए इस दुकान के भीतर भारी मात्रा में सामान पहले से ही भंडारित किया गया था। प्रतिष्ठान के अंदर विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्री और किराना का लाखों रुपये मूल्य का स्टॉक सुरक्षित रखा हुआ था। आग की इस चपेट में आने के कारण दुकान में रखा हुआ सारा सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया और केवल राख ही शेष बची। मारोठिया बाजार एक बहुत ही घना और अत्यधिक संकरा व्यावसायिक क्षेत्र माना जाता है जहाँ संकरी गलियां हैं। इस विशेष व्यापारिक इलाके में सभी दुकानें एक-दूसरे से बिलकुल सटी हुई स्थिति में निर्मित हैं और रास्ते भी काफी तंग हैं। ऐसी घनी बसाहट के कारण आग के आसपास की अन्य दुकानों तक तेजी से फैल जाने का बहुत बड़ा और गंभीर खतरा हमेशा बना रहता है। गनीमत यह रही कि समय रहते आग को रोक लिया गया वरना एक बड़ा इलाका इसकी चपेट में आ सकता था। वर्तमान समय में प्रशासनिक और संबंधित अधिकारी इस दुर्घटना के कारण हुए कुल वित्तीय नुकसान का सही आकलन करने में जुटे हुए हैं।