कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      हूती विद्रोहियों से सऊदी अरब को बचाने के लिए ब्रिटेन तैनात करेगा टाइफून लड़ाकू विमान      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

किसानों की चिंता: खरीफ बुवाई के बाद अगस्त की बारिश ने कई जिलों में किया मायूस

राजस्थान में खरीफ फसल की बुवाई के पूरा होने के बाद मौसम के उतार-चढ़ाव ने अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में अगस्त महीने के दौरान हुई बारिश ने किसानों को निराश किया है, जिससे फसलों के विकास को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

A
Ankit Yadav
31 अग 2026, 11:01
किसानों की चिंता: खरीफ बुवाई के बाद अगस्त की बारिश ने कई जिलों में किया मायूस
राजस्थान के विभिन्न इलाकों में इस समय कृषि क्षेत्र से जुड़ी बड़ी चिंताएं सामने आ रही हैं। खरीफ सीजन की फसल की बुवाई का दौर सफलतापूर्वक संपन्न होने के तुरंत बाद, मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के चेहरों पर शिकन ला दी है। खासकर अगस्त के महीने में हुई वर्षा का पैटर्न किसानों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, जिसके कारण राज्य के कई प्रमुख जिलों में कृषि उत्पादकता को लेकर संशय गहराता जा रहा है। मौसम की इस बेरुखी ने मेहनतकश वर्ग को गहरी मायूसी में धकेल दिया है।

खरीफ फसलों पर मौसम की मार

मानसून के सीजन में समय पर बारिश न होना या फिर असंतुलित तरीके से बरसना हमेशा से कृषि व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। इस वर्ष भी खरीफ की बुवाई के अहम चरण के तुरंत बाद अगस्त के दौरान जैसी बारिश की स्थिति बनी, उससे खेतों में लहलहाती फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने भारी मेहनत और लागत लगाकर फसलों की बुवाई तो कर दी थी, परंतु अब पानी की कमी या गलत समय पर हुई मानसूनी गतिविधियों के कारण उनकी लागत डूबने का डर सताने लगा है। राज्य के अलग-अलग जिलों से मिल रही रिपोर्ट्स बताती हैं कि मौसम के इस प्रकार के व्यवहार से ग्रामीण इलाकों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में फसलों की शुरुआती ग्रोथ के लिए जिस मात्रा में नमी और पानी की आवश्यकता होती है, वह अगस्त माह में पूरी नहीं हो पाई। इससे पौधों के विकास की गति धीमी पड़ गई है और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कुल पैदावार में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

प्रशासन और कृषि विभागों की भूमिका

अन्नदाताओं की इन गंभीर चिंताओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों पर भी नजरें टिक गई हैं। किसान संघ और प्रभावित ग्रामीण अब सरकार से स्थिति का जायजा लेने और मदद के लिए आगे आने की मांग कर रहे हैं। कृषि जानकारों का कहना है कि इस तरह की मौसमी अनिश्चितताओं से निपटने के लिए किसानों को फसल बीमा योजनाओं और वैकल्पिक सिंचाई साधनों की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि नुकसान की भरपाई में कुछ मदद मिल सके। आने वाले हफ्तों में मौसम का रुख क्या रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि फसलों को कितना और नुकसान पहुंचेगा या फिर वे किस हद तक संभल पाएंगी। फिलहाल तो किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद होने से बच सके और उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज