डिडवीं टिक्कर बाजार में बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले डिडवीं टिक्कर बाजार क्षेत्र में इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी देखी जा रही है। इस व्यस्त बाजार में दैनिक कामकाज के लिए आने वाले आम नागरिकों, दुकानदारों तथा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचने वाले ग्राहकों के लिए सार्वजनिक शौचालय की कोई भी उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। सार्वजनिक सुविधा घर के अभाव में लोगों को विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अत्यंत शर्मनाक और दयनीय परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। बाजार में आने वाले लोगों को घंटों तक अपनी शारीरिक आवश्यकताओं को रोके रखना पड़ता है या फिर इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय लोगों और व्यापारियों में प्रशासन के प्रति काफी रोष व्याप्त है। स्थानीय व्यापार मंडल के सदस्यों और निवासियों ने कई बार इस विषय को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने का प्रयास किया है, परंतु धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बाजार में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बुनियादी जनसुविधाओं के नाम पर यहां केवल उपेक्षा ही हाथ लगती है। शौचालय न होने के कारण दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित होता है क्योंकि ग्राहक ज्यादा देर तक बाजार में रुकने से कतराते हैं।
नालियों में पसरी भारी गंदगी और स्वच्छता व्यवस्था की लाचारी
डिडवीं टिक्कर बाजार की केवल शौचालय की कमी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां की जल निकास प्रणाली भी पूरी तरह चरमराई हुई है। बाजार की मुख्य और तंग नालियों में चारों तरफ भारी गंदगी और कचरा पसरा हुआ है, जिसकी नियमित सफाई नहीं की जाती है। नालियों में महीनों से जमा हुआ गंदा पानी और कचरा सड़ रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में लगातार भीषण बदबू उठती रहती है। इस बदबू और गंदगी के कारण दुकानदारों का अपनी दुकानों में बैठना भी मुहाल हो गया है और ग्राहकों का आना-जाना भी कम हो रहा है। गंदे पानी और कचरे के खुले में पड़े रहने के कारण मच्छरों, मक्खियों और अन्य खतरनाक कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाजार में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। स्थानीय दुकानदारों ने अपने स्तर पर कई बार नालियों की सफाई करवाने का प्रयास किया है, लेकिन प्रशासनिक सहयोग के अभाव में स्थिति कुछ ही दिनों बाद फिर से वैसी ही हो जाती है। इस प्रकार की अव्यवस्था से बाजार की सुंदरता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और आने जाने वाले लोग इस क्षेत्र की बदहाली को लेकर नाराजगी जताते हैं। जिम्मेदार महकमे के अधिकारियों की इस ओर कोई सुध न लेने के कारण स्थानीय लोगों में व्यवस्था के प्रति गहरी निराशा घर करती जा रही है।
सार्वजनिक सुविधाओं की महत्ता और स्थानीय नागरिकों की उम्मीदें
किसी भी शहरी या अर्ध-शहरी बाजार के सुचारू रूप से संचालन और विकास के लिए सार्वजनिक शौचालय और उचित जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं रीढ़ की हड्डी समान मानी जाती हैं। जब किसी व्यापारिक केंद्र या बाजार में इस तरह की सुविधाएं नहीं होती हैं, तो वहां का आर्थिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगता है। डिडवीं टिक्कर बाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र में यदि स्वच्छता और बुनियादी ढांचे की ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो यह जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। स्थानीय नियमों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के तहत यह स्थानीय निकायों और पंचायतों की मुख्य जिम्मेदारी होती है कि वे बाजारों में आने वाले नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाएं। इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन को त्वरित और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता होती है ताकि आम जनता को राहत मिल सके। नागरिकों और दुकानदारों की यह मुख्य मांग है कि डिडवीं टिक्कर बाजार में जल्द से जल्द एक आधुनिक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही, नालियों की नियमित रूप से सफाई करवाने और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी पुख्ता कदम उठाए जाने चाहिए ताकि बाजार को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।