देश के विभिन्न राज्यों में बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विभाग ने आगामी 4 से 10 अक्टूबर तक देश के 20 विभिन्न राज्यों में गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है। उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 5 से 10 अक्टूबर के दौरान बारिश होने के आसार हैं। इसी तरह, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 4 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर और नागालैंड में भी इस अवधि के दौरान बारिश दर्ज की जा सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों में केरल, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में भी बारिश का पूर्वानुमान है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 6 से 10 अक्टूबर तक वर्षा होने की संभावना है, जो देश के बड़े हिस्से को कवर करती है।
तूफान और तेज हवाओं के लिए विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के चलने को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में 6 व 8 अक्टूबर को 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में 7 से 9 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ गरज की स्थिति बनी रह सकती है। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल में 6 और 7 अक्टूबर को हवाओं के साथ तूफान की संभावना है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 से 8 अक्टूबर के बीच 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चल सकती हैं। केरल और लक्षद्वीप में भी इसी तरह की स्थिति 4 से 6 अक्टूबर के बीच रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 4 से 8 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन सभी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मॉनसून की वापसी और मौसम का बदलता स्वरूप
देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है, जिसकी रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। वर्तमान में सिक्किम के पास निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा, बिहार से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है, जिसका प्रभाव मौसम पर पड़ रहा है। मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तटीय तमिलनाडु के पास भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जिससे दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भारी बारिश की स्थिति बन रही है। कोंकण और गोवा में 4 से 5 अक्टूबर तक गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के और पीछे हटने के लिए मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हालात अनुकूल हो रहे हैं। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, माहे और कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जो इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।